वाराणसी में कवरेज के दौरान महिला से मारपीत और पत्रकारों पर हमला, रिपोर्टिंग में बाधा डालने का आरोप

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में महिला से मारपीट की सूचना पर कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने पत्रकारों पर हमला कर उनका माइक छीन लिया और वीडियो रिकॉर्डिंग रोकने का प्रयास किया। घटना में दो पत्रकारों समेत कई लोगों के घायल होने की सूचना है।
महिला उत्पीड़न की सूचना पर पहुंचे थे पत्रकार
जानकारी के मुताबिक, एक महिला के साथ कथित मारपीट की सूचना मिलने पर स्थानीय पत्रकार घटनास्थल पर पहुंचे थे। पत्रकार मामले की जानकारी जुटाकर रिपोर्टिंग कर रहे थे, तभी कुछ लोगों ने कवरेज का विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की गई।
माइक छीनने और रिकॉर्डिंग रोकने का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने पत्रकारों का माइक छीन लिया और रिपोर्टिंग कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पीड़ित पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें समाचार कवरेज से रोकने के उद्देश्य से यह हमला किया गया। कवरेज करने के दौरान ही महिला से मारपीट का मामला भी सामने आया था.
डायल-112 पुलिस पहुंची, पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल
हंगामे की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि स्थिति को नियंत्रित करने और आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने में पुलिस की भूमिका संतोषजनक नहीं रही। महिला से मारपीट हो या पत्रकारों से बदसलूकी दोनों ही मामले मे पुलिस की भूमिका हीलाहवाली वाली ही रही है.
लाइसेंसी पिस्टल दिखाकर डराने का आरोप
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि घटना के दौरान अशोक राय नामक व्यक्ति ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल का प्रदर्शन करते हुए मौजूद लोगों को डराने-धमकाने का प्रयास किया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं महिला से मारपीट को लेकर भी अन्य पक्ष ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है.
कई लोगों को नामजद करने की मांग
पीड़ित पक्ष ने आनंद पटेल, राजेश पटेल उर्फ खन्ना, करण, कुणाल, जय पटेल, गोरी गिरी और रंजीत गिरी उर्फ छोटू गिरी सहित कई अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इनमें से कुछ लोगों के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आरोपियों के खिलाफ पहले से मुकदमे दर्ज होने का दावा
शिकायतकर्ता के अनुसार, रंजीत गिरी उर्फ छोटू गिरी के खिलाफ रोहनिया और मंडुवाडीह थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि, इन मुकदमों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
एफआईआर दर्ज न होने का आरोप
घटना के बाद घायल पत्रकार स्थानीय थाने पहुंचे और अपने साथ बदसलूकी की लिखित शिकायत देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उनकी तहरीर पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई और उन्हें चौकी तथा थाने के बीच भटकाया गया। चौकी प्रभारी पर भी पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया है। पत्रकारों का कहना है कि वे महिला के साथ मारपीट के दौरान वहां पहुंचे थे जिसकी कवरेज को लेकर हंगामा हुआ और उनके साथ अभद्रता हुई.
पत्रकारों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने पत्रकारों की सुरक्षा और निष्पक्ष पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित पक्ष ने पुलिस आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं महिला के साथ मारपीट को लेकर पीड़ित अन्य पक्ष की भी सुनने वाला कोई नहीं.
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