NEET-UG 2026 री-एग्जाम आज, 22 लाख से ज्यादा छात्र देंगे परीक्षा; सुरक्षा के कड़े इंतजाम

देशभर में आज आयोजित होगा NEET-UG री-एग्जाम

NEET-UG 2026 Re-Exams में परीक्षा देते छात्र, देशभर में री-एग्जाम आयोजित
NEET-UG 2026 री-एग्जाम में 22 लाख से अधिक छात्र शामिल हो रहे हैं। परीक्षा के लिए देशभर में विशेष सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की गई है।

नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 का री-एग्जाम आज देशभर में आयोजित किया जा रहा है। परीक्षा में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने देश और विदेश के कुल 564 शहरों में 5400 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए हैं। इनमें भारत के 551 शहर और विदेश के 12 शहर शामिल हैं। पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा आयोजित हो रही इस परीक्षा पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।

अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था, 2 लाख से ज्यादा कर्मी तैनात

NTA के अनुसार परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर पर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। देशभर के परीक्षा केंद्रों पर 2 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 674 सिटी कोऑर्डिनेटर और 6,669 ऑब्जर्वर भी निगरानी करेंगे। कई राज्यों में पुलिस, खुफिया एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी विशेष जिम्मेदारी दी गई है।

पहली बार एयरफोर्स ने पहुंचाए प्रश्नपत्र

इस बार NEET-UG 2026 प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना की मदद ली गई। एयरफोर्स के विमान और हेलिकॉप्टरों के जरिए प्रश्नपत्र देश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाए गए। अधिकारियों के मुताबिक 200 से अधिक उड़ानों के माध्यम से प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक भेजा गया ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।

छात्रों को मिलेगा अतिरिक्त समय

NEET-UG 2026 री-एग्जाम के लिए NTA ने परीक्षा समय में बदलाव किया है। पहले जहां परीक्षा की अवधि 180 मिनट थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। दिव्यांग (PwD और PwBD) अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय दिया जाएगा और वे शाम 6:20 बजे तक परीक्षा दे सकेंगे।

विभिन्न राज्यों में छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं

NEET-UG 2026 परीक्षा के दिन कई राज्य सरकारों ने छात्रों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं।

दिल्ली में मुफ्त यात्रा और कूलिंग जोन

राजधानी दिल्ली में 97 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। अभ्यर्थियों को DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है। NEET-UG 2026 परीक्षा के कई केंद्रों के बाहर अभिभावकों के लिए कूलिंग जोन बनाए गए हैं, जहां पानी, ORS और नींबू पानी की व्यवस्था की गई है।

राजस्थान में CCTV और जैमर की निगरानी

राजस्थान के 25 जिलों में 600 से अधिक केंद्रों पर परीक्षा होगी। सभी केंद्रों और स्ट्रॉन्ग रूम में CCTV कैमरे, सिग्नल जैमर और चौबीस घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी।

मध्य प्रदेश में स्पेशल ट्रेनें

मध्य प्रदेश के कई शहरों में परीक्षा आयोजित की जा रही है। छात्रों की सुविधा के लिए रेलवे ने विशेष ट्रेनें चलाने का फैसला किया है, जिससे दूर-दराज के उम्मीदवार आसानी से अपने केंद्र तक पहुंच सकें।

तेलंगाना और महाराष्ट्र में विशेष व्यवस्था

तेलंगाना में छात्र RTC बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। वहीं मुंबई में लोकल ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से किया जाएगा और NEET-UG 2026 परीक्षा के दिन किसी भी बड़े रेल ब्लॉक की योजना नहीं रखी गई है।

NTA ने छात्रों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की

NEET-UG 2026 परीक्षा से पहले NTA ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा से जुड़ी सभी आधिकारिक जानकारी केवल आधिकारिक माध्यमों से ही प्राप्त करें। साथ ही छात्रों को शांत रहकर अपनी तैयारी पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

परीक्षा केंद्र जाते समय इन बातों का रखें ध्यान

NTA ने NEET-UG 2026 परीक्षा के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। अभ्यर्थी पारदर्शी पानी की बोतल साथ ले जा सकते हैं। डायबिटिक छात्रों को शुगर टैबलेट और कुछ निर्धारित फल ले जाने की अनुमति दी गई है। पारंपरिक या धार्मिक पोशाक पहनने वाले उम्मीदवारों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है ताकि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

नया सिस्टम: एक्सपर्ट्स को भी नहीं पता था प्रश्न किस परीक्षा के लिए हैं

इस बार NEET-UG 2026 के Re-Exmas के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। NTA ने हजारों प्रश्नों का डिजिटल बैंक तैयार किया, जिसमें विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए प्रश्न शामिल किए गए। खास बात यह रही कि प्रश्न तैयार करने वाले विशेषज्ञों को भी यह जानकारी नहीं दी गई कि उनके प्रश्न किस परीक्षा में उपयोग किए जाएंगे। बाद में तकनीकी प्रणाली के माध्यम से अंतिम प्रश्नपत्र तैयार किए गए।

पेपर लीक विवाद के बाद रद्द हुई थी परीक्षा

NEET-UG 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। परीक्षा के बाद पेपर लीक की शिकायतें सामने आईं, जिसके बाद मामला जांच एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को NTA ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया और री-एग्जाम की घोषणा की। मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है और अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा मामला

NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए। अदालत ने यह भी कहा कि परीक्षा एजेंसियों को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और अधिक मजबूत व्यवस्था बनानी होगी।

NTA पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी देश की प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करती है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में NEET, UGC-NET, CUET और अन्य परीक्षाओं को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। इसी वजह से इस बार NTA ने परीक्षा सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बनाने का दावा किया है।

निष्पक्ष परीक्षा कराने की सबसे बड़ी चुनौती

NEET-UG देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। ऐसे में लाखों छात्रों और उनके परिवारों की उम्मीदें इस परीक्षा से जुड़ी होती हैं। री-एग्जाम को सफलतापूर्वक और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना NTA और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अब सभी की नजर परीक्षा के सफल आयोजन और उसके परिणामों पर टिकी हुई है। (अमर भारती)

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