लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026: सम्मान के बाद युवाओं से बोले अजीत डोभाल- राष्ट्रहित रखें सर्वोपरि

लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026: युवाओं को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे केवल राष्ट्रहित में कार्य करेंगे – अजीत डोभाल

लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 प्राप्त करते अजीत डोभाल
पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित हुए अजीत डोभाल।

डिजिटल डेस्क, पुणे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और देश निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। डोभाल ने कहा कि युवाओं को व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित होना चाहिए।

1. पुणे में अजीत डोभाल को मिला बड़ा सम्मान

पुणे में आयोजित समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तिलक स्मारक ट्रस्ट की ओर से अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 प्रदान किया। सम्मान प्राप्त करने के बाद डोभाल ने इसे अपने लिए गौरव और विनम्रता का विषय बताया।

उन्होंने कहा कि लोकमान्य तिलक के नाम पर मिलने वाला यह सम्मान उनके लिए विशेष महत्व रखता है और वह इसे पूरे सम्मान के साथ स्वीकार करते हैं।

2. लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 मिलने पर क्या बोले डोभाल?

लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 प्राप्त करने के बाद अपने संबोधन में अजीत डोभाल ने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे केवल राष्ट्रहित में कार्य करेंगे और छोटे व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठेंगे।

डोभाल ने कहा कि यदि व्यक्तिगत लाभ और राष्ट्रहित के बीच चुनाव करना पड़े तो राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

3. भारत के सामने ऐतिहासिक अवसर, डोभाल का बड़ा संदेश

अपने संबोधन में अजीत डोभाल ने कहा कि भारत वर्तमान समय में अपने इतिहास के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के सामने ऐसा अवसर है जिसे किसी भी कीमत पर गंवाया नहीं जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि फिलहाल भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता राष्ट्र निर्माण होनी चाहिए और देश अपने लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए इतिहास में नया अध्याय लिख सकता है।

4. लोकमान्य तिलक को किया याद

लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 समारोह में डोभाल ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि तिलक केवल स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे, बल्कि समाज सुधारक और दार्शनिक भी थे।

उन्होंने पुणे में प्लेग फैलने के दौरान का एक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि अपने 21 वर्षीय पुत्र की मृत्यु के बावजूद लोकमान्य तिलक ने पुणे नहीं छोड़ा और लोगों के बीच रहकर कार्य करते रहे।

5. युवाओं को राष्ट्रसेवा का संदेश

डोभाल ने कहा कि देश के युवाओं को अपने कर्तव्य और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे राष्ट्र निर्माण को अपना दायित्व समझें और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में योगदान दें।

उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के संकल्प और उनके समर्पण पर निर्भर करता है।

6. सम्मान के साथ जिम्मेदारी का भी संदेश

लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 के अवसर पर दिया गया अजीत डोभाल का संदेश केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसमें राष्ट्र निर्माण, कर्तव्यबोध और युवाओं की भूमिका पर भी विशेष जोर दिखाई दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।

आगे की राह

लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित होने के बाद अजीत डोभाल ने राष्ट्रहित, कर्तव्य और राष्ट्रसेवा को केंद्र में रखते हुए युवाओं को प्रेरित करने का संदेश दिया। उनके संबोधन में विकसित भारत के लक्ष्य, राष्ट्र निर्माण की प्राथमिकता और लोकमान्य तिलक के आदर्शों को अपनाने पर विशेष बल दिया गया। (Amar Bharti)

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