कुलगाम आतंकी हमला: 10 दिन पहले भी हुई थी हत्या, घाटी में बढ़ती टारगेट किलिंग पर चिंता

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई। आतंकियों ने ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे मजदूरों को निशाना बनाकर गोलीबारी की। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहने की बात कही है।
1. कुलगाम आतंकी हमला कैसे हुआ? ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे श्रमिक बने निशाना
कुलगाम आतंकी हमला शुक्रवार शाम केलम क्षेत्र स्थित एक ईंट-भट्ठे पर हुआ। हमलावरों ने वहां काम कर रहे प्रवासी मजदूरों पर गोलीबारी की। हमले में दो श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
चिकित्सकों ने 24 वर्षीय दीपक रात्रे को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल 28 वर्षीय भूपेंद्र कुमार को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। बाद में इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
2. कुलगाम आतंकी हमले पर सीएम विष्णुदेव साय ने जताया दुख
घटना के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि कुलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के श्रमिक की मृत्यु और दूसरे श्रमिक के घायल होने की खबर अत्यंत पीड़ादायक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
3. 10 दिन पहले भी हुई थी पुलिसकर्मी की हत्या
कुलगाम आतंकी हमला ऐसे समय हुआ है जब कुछ दिन पहले ही अनंतनाग में एक पुलिसकर्मी की हत्या की गई थी। आतंकवादियों ने अनंतनाग शहर में जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी को गोली मार दी थी।
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है। श्रीनगर समेत कई इलाकों में वाहनों की जांच और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
4. टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेदारी
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेशों के अनुसार, संगठन ने बाहरी लोगों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों को निशाना बनाने की चेतावनी भी दी है। बताया गया है कि अनंतनाग में हुए पिछले हमले के पीछे भी इसी संगठन का नाम सामने आया था।
5. घाटी में बढ़ी टारगेट किलिंग की चिंता
लगातार हुई घटनाओं के बाद सुरक्षा विशेषज्ञों ने घाटी में चुनिंदा हत्याओं को लेकर चिंता जताई है। बाहरी मजदूरों और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने की घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
सुरक्षा जानकारों के अनुसार, ऐसे हमलों का उद्देश्य डर का माहौल बनाना, आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करना और सुर्खियां हासिल करना होता है।

6. जांच में जुटीं एजेंसियां, सर्च ऑपरेशन जारी
कुलगाम आतंकी हमला और इससे पहले अनंतनाग में हुई हत्या की जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। हमले के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां हमले के लिए जिम्मेदार मॉड्यूल की पहचान कर उसे खत्म करने की दिशा में काम कर रही हैं।
7. कुलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ी सुरक्षा चुनौती
हालिया घटनाओं ने एक बार फिर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और बाहरी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सुरक्षा बल लगातार निगरानी और अभियान चला रहे हैं, जबकि जांच एजेंसियां दोनों मामलों की कड़ियां जोड़कर हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। (Amar Bharti)
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