रंगभवन सभागार में सजी ‘विजयी यात्रा… तस्वीर भारत की’

‘विजयी यात्रा… तस्वीर भारत की’: ध्वनि-प्रकाश के जरिए त्रेता युग से संविधान निर्माण तक की गौरवगाथा

विजयी यात्रा तस्वीर भारत की कार्यक्रम में ध्वनि एवं प्रकाश प्रस्तुति
रंगभवन सभागार में आयोजित विजयी यात्रा तस्वीर भारत की कार्यक्रम की प्रस्तुति।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद मार्ग स्थित आकाशवाणी के रंगभवन सभागार में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में 12 अगस्त 2026 को ‘विजयी यात्रा… तस्वीर भारत की’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आकाशवाणी एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो (गीत एवं नाटक प्रभाग) की संयुक्त प्रस्तुति में ध्वनि, प्रकाश, संगीत और मंचीय कला के जरिए त्रेता युग से संविधान निर्माण तक भारत की ऐतिहासिक यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। देशभक्ति गीतों, ऐतिहासिक प्रसंगों और कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच ‘वंदे मातरम्’ की गूंज और ‘हर घर तिरंगा’ की भावना ने कार्यक्रम को राष्ट्रभाव से जोड़ दिया।

दीप प्रज्ज्वलन से हुआ ‘विजयी यात्रा… तस्वीर भारत की’ का शुभारंभ

‘विजयी यात्रा… तस्वीर भारत की’ कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। रंगभवन सभागार में उपस्थित विशिष्ट एवं गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर आयोजन की शुरुआत की।

दीपों की रोशनी के बीच सभागार की अन्य रोशनियां मंद कर दी गईं। मंच पर विशेष प्रकाश व्यवस्था के बीच कलाकारों की उपस्थिति ने शुरुआती प्रस्तुति को प्रभावशाली दृश्य रूप दिया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ सभागार में ऊर्जा, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना।

आकाशवाणी के कलाकारों ने देशभक्ति गीतों से बांधा समां

कार्यक्रम ‘विजयी यात्रा… तस्वीर भारत की’ में आकाशवाणी के कलाकारों ने देशभक्ति से ओतप्रोत दो गीत प्रस्तुत किए। महिला कलाकारों की तिरंगे रंगों से सजी वेशभूषा ने मंच पर राष्ट्रीय भावना को उभारा, वहीं पुरुष कलाकारों की प्रस्तुतियों में भारत की युवा एवं अनुभवी पीढ़ी की छाप दिखाई दी।

संगत कलाकारों के वाद्ययंत्रों से निकले सुरों के साथ पूरा सभागार देशभक्ति के भाव में डूबता चला गया। ‘अमन के रखवाले’ गीत ने आजादी के उत्सव और राष्ट्रप्रेम की भावना को स्वर दिया। इसके बाद ‘मेरी शान तिरंगा है’ गीत की प्रस्तुति ने तिरंगे के प्रति सम्मान और हर घर तिरंगा की भावना को और मजबूत किया।

गीत की प्रस्तुति के दौरान दर्शक दीर्घा में मौजूद लोगों ने भी स्वर मिलाया। मंच से उठती देशभक्ति की धुन और दर्शकों की सहभागिता ने पूरे सभागार को एक साझा राष्ट्रभाव से जोड़ दिया।

पैरामिलिट्री जवानों और एनसीसी कैडेट की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह

‘विजयी यात्रा… तस्वीर भारत की’ में पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों और एनसीसी कैडेट की मौजूदगी भी रही। देश की सुरक्षा और सेवा से जुड़े जवानों तथा युवा कैडेटों ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति के दौरान उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

तिरंगे के सम्मान और आजादी के महत्व से जुड़ी गीत प्रस्तुति के दौरान दर्शकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को और जीवंत बना दिया। आकाशवाणी कलाकारों की प्रस्तुति ने सभागार में मौजूद लोगों को भाव-विभोर कर दिया।

ध्वनि और प्रकाश से जीवंत हुई त्रेता युग से संविधान तक की यात्रा

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ध्वनि एवं प्रकाश के माध्यम से भारत की ऐतिहासिक यात्रा का जीवंत चित्रण रहा। ‘विजयी यात्रा… तस्वीर भारत की’ के तहत त्रेता युग से संविधान निर्माण तक के विभिन्न प्रसंगों को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया गया।

प्रस्तुति में प्रभु श्रीराम के त्रेता युग से लेकर भारतीय राजाओं के संघर्ष और मुगलों के शासन तक के प्रसंगों को मंच पर दर्शाया गया। इसके बाद महात्मा गांधी और क्रांतिकारियों के आंदोलनों तथा जलियांवाला बाग की वीभत्सता को प्रस्तुति का हिस्सा बनाया गया।

कार्यक्रम में डॉ. भीमराव आंबेडकर के अनुभव और सहयोग से तैयार किए गए संविधान निर्माण के प्रसंग को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। ध्वनि, प्रकाश, संगीत और अभिनय के तालमेल ने इतिहास के अलग-अलग कालखंडों को एक सतत यात्रा का रूप दिया।

‘हर घर तिरंगा’ की भावना से जुड़ा आयोजन

‘विजयी यात्रा… तस्वीर भारत की’ कार्यक्रम के अंतिम चरण में ‘हर घर तिरंगा’ की भावना को भी प्रमुखता मिली। तिरंगे को केवल राष्ट्रीय ध्वज के रूप में नहीं, बल्कि देश की एकता, गौरव और स्वतंत्रता की स्मृति से जुड़े प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया।

उपस्थित लोगों ने हर घर तिरंगा की प्रेरणा को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों की स्मृति, तिरंगे के प्रति सम्मान और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना एक साथ दिखाई दी।

‘वंदे मातरम्’ के स्वर और हर घर तिरंगा का संकल्प कार्यक्रम के ऐतिहासिक कथानक को वर्तमान की राष्ट्रभावना से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षण रहा।

आकाशवाणी और केंद्रीय संचार ब्यूरो की संयुक्त प्रस्तुति

‘विजयी यात्रा… तस्वीर भारत की’ आकाशवाणी एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो के गीत एवं नाटक प्रभाग की संयुक्त प्रस्तुति रही। कला, संगीत, अभिनय, ध्वनि और प्रकाश के समन्वय से तैयार इस कार्यक्रम में भारत के इतिहास के अलग-अलग चरणों को मंचीय रूप दिया गया।

कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी के उद्घोषक रवीन्द्र सिंह और गीतिका उनियाल ने किया। दोनों ने सूत्रधार की भूमिका निभाते हुए विभिन्न प्रस्तुतियों को आपस में जोड़ा और कार्यक्रम को क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ाया।

‘वंदे मातरम्’ की गूंज और हर घर तिरंगा के संकल्प के साथ समापन

मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्ज्वलन से शुरू हुई ‘विजयी यात्रा… तस्वीर भारत की’ की यात्रा देशभक्ति गीतों, ऐतिहासिक प्रसंगों और ध्वनि-प्रकाश की प्रभावशाली प्रस्तुति से गुजरते हुए ‘वंदे मातरम्’ के स्वरों तक पहुंची।

त्रेता युग से संविधान निर्माण तक भारत की ऐतिहासिक यात्रा को मंच पर साकार करने के बाद कार्यक्रम का समापन हर घर तिरंगा की प्रेरणा को आत्मसात करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

‘वंदे मातरम्’ की गूंज, तिरंगे के प्रति सम्मान और हर घर तिरंगा का संकल्प इस विशेष आयोजन की अंतिम और सबसे प्रभावशाली तस्वीर बनकर उभरा।

गणमान्य अतिथियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में आरएनआई के प्रधान महानिदेशक योगेश कुमार बावेजा, केंद्रीय संचार ब्यूरो की महानिदेशक सुश्री कंचन प्रसाद, आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव कुमार जैन, अपर महानिदेशक राजेश कुमार झा, आकाशवाणी के हेड ऑफ ऑफिस जितेन्द्र प्रुथी और हेड ऑफ प्रोग्राम मनीषा जैन उपस्थित रहे।

इसके अलावा केंद्रीय संचार ब्यूरो के उप निदेशक डॉ. संतोष आशीष, प्रमोद कुमार वत्स—सहायक निदेशक (कार्यक्रम समन्वय), निशा भारद्वाज—सहायक निदेशक (कार्यक्रम), स्पर्शिता श्रीवास्तव—सहायक निदेशक (कार्यक्रम) और शालिनी मित्तल—कार्यक्रम अधिशासी सहित पैरामिलिट्री फोर्स के जवान और एनसीसी कैडेट मौजूद रहे। (Amar Bharti)

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