बाबूलाल मरांडी का हमला: महालया और नवरात्र के दौरान दिल्ली में आंदोलन पर उठाए सवाल

डिजिटल डेस्क, जमशेदपुर। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों से विपक्ष घबराया हुआ है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के सवालों और महालया व नवरात्र के अवसर पर दिल्ली में हुए आंदोलन के समय पर भी आपत्ति जताई।
बाबूलाल मरांडी ने इंडिया गठबंधन पर साधा निशाना
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर सवाल उठा रहे हैं। उनके मुताबिक, विपक्ष को विकास के मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए, लेकिन इसके बजाय अनावश्यक विवाद खड़े किए जा रहे हैं।

मरांडी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे विकास कार्यों से विपक्षी दल परेशान हैं। उन्होंने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
महालया और नवरात्र के दौरान दिल्ली में आंदोलन पर उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने महालया और नवरात्र की शुरुआत के दिन दिल्ली में आयोजित आंदोलन को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि त्योहारों के पवित्र अवसर पर आंदोलन का समय चुनना सनातन संस्कृति और आस्था को ठेस पहुंचाने की कोशिश है।
मरांडी ने लोगों से ऐसे कथित राजनीतिक एजेंडे के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने आंदोलन के समय को लेकर अपनी आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था से जुड़ा मुद्दा बताया।
SIR को लेकर चुनाव आयोग के समर्थन में बोले मरांडी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर बोलते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी बनाना और उसमें मौजूद गलतियों को दूर करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता इस प्रक्रिया पर सवाल उठाकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर संदेह पैदा कर रहे हैं।
मरांडी ने विपक्ष के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव आयोग पर सवाल उठाने के बजाय मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य को समझना चाहिए। हालांकि, इस मामले में विपक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया मूल समाचार सामग्री में शामिल नहीं है।
कांग्रेस की चुप्पी और जमशेदपुर प्रदर्शन को लेकर भी उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम से जुड़े 11 छात्रों के कथित यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामले में पार्टी को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
इसके अलावा, जमशेदपुर में भाजपा महिला मोर्चा के कांग्रेस जिला कार्यालय के सामने हुए प्रदर्शन के दौरान कथित हंगामे को लेकर भी मरांडी ने कांग्रेस पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से लाठी-डंडों और पत्थरों का इस्तेमाल किया गया। मरांडी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए विपक्षी दल के आचरण पर सवाल उठाए।

कांग्रेस के राजनीतिक जनाधार पर भी टिप्पणी
मरांडी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार सरकार, चुनाव आयोग और अदालतों के खिलाफ बयानबाजी करती रहती है। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता ने कई राज्यों में कांग्रेस को नकार दिया है और पार्टी का राजनीतिक जनाधार कमजोर हो रहा है।
उन्होंने विपक्ष से विकास के मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई और आरोप लगाया कि राजनीतिक विवाद खड़े करने से जनता से जुड़े मुद्दे पीछे छूट रहे हैं।
बाबूलाल मरांडी के बयान का सार
बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर विकास कार्यों, SIR और चुनाव आयोग को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने महालया और नवरात्र के दौरान दिल्ली में हुए आंदोलन के समय पर आपत्ति जताई।
साथ ही, कांग्रेस से कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों और जमशेदपुर में प्रदर्शन के दौरान हुए कथित हंगामे पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की। ये आरोप मरांडी के बयानों पर आधारित हैं; मूल सामग्री में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। (Amar Bharti)
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