मीरा कुमार की अध्यक्षता में खड़गे के आवास पर हुई मॉक संसद

डिजिटल डेस्क, एक्सपोज इण्डिया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर प्रतीकात्मक ‘पब्लिक इंपीचमेंट’ कार्यक्रम आयोजित किया। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की अध्यक्षता में हुई इस मॉक संसद में खड़गे ने प्रस्ताव पेश करते हुए आरोप लगाया कि देश में नागरिकों के वोट देने का अधिकार गंभीर खतरे में है। विपक्ष ने SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
खड़गे के आवास पर हुई मॉक संसद, मीरा कुमार ने की अध्यक्षता
INDIA गठबंधन का यह कार्यक्रम नई दिल्ली में मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की, जबकि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संबोधन के साथ कार्यवाही की शुरुआत की।

कार्यक्रम को विपक्ष ने ‘पब्लिक इंपीचमेंट’ यानी जन-महाभियोग का नाम दिया। हालांकि, यह संसद में होने वाली संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि विपक्ष की ओर से आयोजित प्रतीकात्मक विरोध और मॉक संसद थी। इसका मकसद मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष की शिकायतों और मांगों को सार्वजनिक मंच पर रखना था।
मीरा कुमार ने कार्यक्रम की शुरुआत में कहा कि खड़गे पहले अपना संबोधन देंगे। इसके बाद INDIA गठबंधन के नेता, नागरिक समाज के प्रतिनिधि और ऐसे नागरिक अपनी बात रखेंगे, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का दावा किया जा रहा है।
खड़गे बोले- नागरिकों के वोट का अधिकार गंभीर खतरे में
अपने संबोधन में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि नागरिकों के वोट देने का अधिकार गंभीर खतरे में है। उन्होंने कहा कि वोट का अधिकार आम आदमी की सबसे बड़ी ताकत है। इसी अधिकार के आधार पर सरकार बनती है और चलती है। खड़गे ने कहा कि जनता के इस अधिकार को बचाने के लिए विपक्ष संघर्ष कर रहा है।

खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देशों पर काम करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने दोनों सदनों में CEC को पद से हटाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उस पर नोटिस नहीं लिया गया। खड़गे के मुताबिक, इस कदम के पीछे किसी व्यक्ति से निजी विरोध नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्था को बचाने का उद्देश्य है।
उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं, गरीबों और महिलाओं के वोट देने के अधिकार को प्रभावित किया जा रहा है और दिल्ली में कंप्यूटर के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं। ये सभी खड़गे और विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं।
2023 के कानून और विपक्षी सांसदों के निलंबन का भी उठाया मुद्दा
खड़गे ने अपने संबोधन में 2023 के मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और कार्यकाल से जुड़े कानून का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून से चुनाव आयुक्तों को ऐसा सुरक्षा कवच मिला है, जो राष्ट्रपति या भारत के मुख्य न्यायाधीश को भी नहीं मिलता।

खड़गे ने दावा किया कि दिसंबर 2023 में विपक्ष के 145 सांसदों को निलंबित किए जाने के बाद यह विधेयक पारित किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से सत्ता हासिल करने और उसे बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों को तोड़ने, सरकारें गिराने और जांच एजेंसियों के इस्तेमाल जैसी कोशिशें हुई हैं। उन्होंने इसी क्रम में अब वोट चोरी का आरोप भी लगाया।
खड़गे के ये बयान उनके राजनीतिक संबोधन और विपक्ष के आरोपों का हिस्सा हैं।
SIR को लेकर समाजवादी पार्टी ने भी उठाए सवाल
कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के नेता हरेन्द्र मलिक ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के जरिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं।
हरेन्द्र मलिक ने SIR को PDA पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना जरूरी है। उन्होंने कार्यक्रम में पेश किए गए प्रस्ताव का समर्थन भी किया।
विपक्षी दलों का कहना है कि SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर लगाए गए आरोप विपक्ष के नेताओं के दावे हैं।
बारिश के कारण एक दिन टला था कार्यक्रम, अब 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली
INDIA गठबंधन ने पहले यह कार्यक्रम 30 अक्टूबर को आयोजित करने की योजना बनाई थी। लेकिन दिल्ली में लगातार बारिश के कारण इसे एक दिन आगे बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दिया गया। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी थी।

अब विपक्षी दलों ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली का कार्यक्रम रखा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर बताया था कि INDIA गठबंधन का मार्च दोपहर में मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से शुरू होकर रामलीला मैदान पहुंचेगा। यह रैली SIR और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के विरोध में बुलाई गई है।
CEC ज्ञानेश कुमार जन-महाभियोग: विपक्ष की मांग और आगे की रणनीति
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित यह जन-महाभियोग कार्यक्रम विपक्ष का प्रतीकात्मक राजनीतिक विरोध था। इसमें खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मतदाताओं के अधिकार और SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। समाजवादी पार्टी सहित INDIA गठबंधन के नेताओं ने CEC को पद से हटाने की मांग दोहराई।
अब विपक्ष की नजर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली पर है, जहां SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। (Amar Bharti)
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