नोएडा में एंबुलेंस के लिए ऑपरेशन फास्ट शुरू, 24 घंटे मिलेगी ट्रैफिक सहायता

ऑपरेशन फास्ट: ट्रायल में 12 किलोमीटर का सफर करीब 10 मिनट में पूरा

ऑपरेशन फास्ट नोएडा के तहत एंबुलेंस को रास्ता उपलब्ध कराने की ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था
नोएडा में एंबुलेंस को जाम से निकालने के लिए ऑपरेशन फास्ट शुरू।

डिजिटल डेस्क, एक्सपोज़ इण्डिया। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अब गंभीर मरीजों और सड़क हादसों में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस को ट्रैफिक जाम में फंसने से बचाने के लिए पुलिस ने नई व्यवस्था शुरू की है। गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने इसका नाम ऑपरेशन फास्ट रखा है। इसके तहत एंबुलेंस को 24 घंटे ट्रैफिक सहायता मिलेगी और जरूरत पड़ने पर उसके पहुंचने से पहले ही रास्ते के चौराहों पर ट्रैफिक क्लियर कराया जाएगा।

पुलिस ने इस सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 9218891716 जारी किया है। एंबुलेंस चालक, अस्पताल का कंट्रोल रूम या डिस्पैचर इस नंबर पर संपर्क कर ट्रैफिक सहायता मांग सकते हैं।

ऑपरेशन फास्ट के तहत कैसे मिलेगा एंबुलेंस को रास्ता?

ऑपरेशन फास्ट के तहत ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम में एक विशेष एंबुलेंस ट्रैफिक सहायता सेल बनाया जा रहा है। यह सेल एंबुलेंस की मौजूदा लोकेशन और उसके गंतव्य अस्पताल की जानकारी लेकर रास्ते में पड़ने वाले चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों को अलर्ट करेगा।

एंबुलेंस चालक या अस्पताल का डिस्पैचर हेल्पलाइन पर फोन करके तीन अहम जानकारियां दे सकेगा:

  • एंबुलेंस की मौजूदा लोकेशन।
  • मरीज को जिस अस्पताल में ले जाना है, उसका पता।
  • एंबुलेंस के लिए चुना गया रास्ता।

सूचना मिलने के बाद ट्रैफिक पुलिस पहले से ही संबंधित मार्ग पर व्यवस्था संभालने की तैयारी करेगी, ताकि एंबुलेंस के पहुंचने तक रास्ता साफ कराया जा सके।

जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक सिग्नल में भी होगा बदलाव

इस व्यवस्था में केवल चौराहों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती तक ही मदद सीमित नहीं रहेगी। जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक सिग्नल में कुछ समय के लिए बदलाव किया जा सकेगा। दूसरे रास्तों से आने वाले वाहनों को नियंत्रित कर एंबुलेंस के निकलने के लिए जगह बनाई जाएगी।

इसके अलावा, ऑपरेशन फास्ट को देखते हुए शहर में लगे पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए भी वाहन चालकों और आम लोगों से एंबुलेंस को रास्ता देने की अपील की जाएगी। एंबुलेंस जिस मार्ग से आगे बढ़ेगी, उसी के अनुसार अगले चौराहों पर भी पुलिसकर्मियों को अलर्ट किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि एक चौराहे से निकलने के बाद एंबुलेंस अगले चौराहे पर दोबारा जाम में न फंसे।

ट्रायल में 12 किलोमीटर का सफर करीब 10 मिनट में पूरा

ऑपरेशन फास्ट लागू करने से पहले गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने इसका ट्रायल भी किया। व्यस्त ट्रैफिक के दौरान एक खाली एंबुलेंस को चिल्ला बॉर्डर से मैक्स अस्पताल और फोर्टिस अस्पताल तक ले जाया गया।

पुलिस के मुताबिक, दोनों रास्तों पर करीब 12 किलोमीटर की दूरी लगभग 10 मिनट में पूरी की गई। अधिकारियों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस के बेहतर तालमेल से सामान्य यातायात को ज्यादा प्रभावित किए बिना एंबुलेंस के लिए रास्ता बनाया जा सकता है।

हालांकि, यह ट्रायल खाली एंबुलेंस के साथ किया गया था। वास्तविक इमरजेंसी में मरीज को लेकर चलने वाली एंबुलेंस को अस्पताल पहुंचने में कितना समय लगेगा, यह उस समय के ट्रैफिक और रास्ते की स्थिति पर निर्भर करेगा।

अस्पतालों और एंबुलेंस संचालकों को भी जोड़ा गया

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में शुरू की गई इस पहल के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों, एंबुलेंस संचालकों और इमरजेंसी डिस्पैच सेंटरों को भी व्यवस्था से जोड़ा गया है। अस्पतालों को जोड़ने वाले प्रमुख रास्तों की पहचान भी की गई है।

पुलिस की कोशिश है कि गंभीर मरीज या सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को केवल ट्रैफिक जाम की वजह से अस्पताल पहुंचने में देरी न हो। इसके लिए एंबुलेंस की सूचना मिलते ही संबंधित मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस पहले से सक्रिय रहेगी।

एंबुलेंस के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर

गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने एंबुलेंस को ट्रैफिक सहायता देने के लिए 9218891716 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इस पर एंबुलेंस चालक, अस्पताल का कंट्रोल रूम या डिस्पैचर संपर्क कर सकते हैं।

पुलिस ने वाहन चालकों से भी अपील की है कि सड़क पर एंबुलेंस दिखाई देने पर उसे तुरंत रास्ता दें। चौराहों पर वाहन खड़ा करके उसका रास्ता बंद न करें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें।

निष्कर्ष: ऑपरेशन फास्ट के जरिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एंबुलेंस को जाम से निकालने के लिए पहले से ट्रैफिक प्रबंधन करने की व्यवस्था बनाई गई है। इसके लिए जारी हेल्पलाइन नंबर 9218891716 पर संपर्क किया जा सकता है। (Amar Bharti)

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