भारी बारिश के बाद तीसरी फ्लैश फ्लड घटना, प्रशासन ने राहत-बचाव अभियान तेज किया; DC बोले- ‘यह क्लाउडबर्स्ट नहीं, भारी बारिश का असर’

नई दिल्ली/अमर भारती। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मंगलवार सुबह थथरी शहर के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में अचानक आई फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) ने कई घरों, दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, भारी मात्रा में कीचड़, चट्टानें और मलबा शहर में घुसने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दो दिनों में तीसरी फ्लैश फ्लड की घटना
अधिकारियों के अनुसार, पिछले 48 घंटों में डोडा और किश्तवाड़ जिलों में अचानक बाढ़ आने की यह तीसरी घटना है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे थथरी शहर में पानी के साथ भारी मात्रा में कीचड़ और पत्थर बहकर आ गए।
इस दौरान कई रिहायशी मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को आंशिक नुकसान पहुंचा। सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियां मलबे में दब गईं, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि कुछ वाहन तेज बहाव में बहकर चिनाब नदी तक पहुंच गए। प्रशासन अभी नुकसान का विस्तृत आकलन कर रहा है।
डोडा-किश्तवाड़ हाईवे पर यातायात प्रभावित
अचानक आई बाढ़ के चलते डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय मार्ग पर मलबा जमा हो गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क से कीचड़ और पत्थर हटाने का अभियान शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद मार्ग के अधिकांश हिस्सों पर यातायात बहाल कर दिया गया।
निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना क्षेत्र भी प्रभावित
यह घटना उस समय हुई जब एक दिन पहले ही लगातार बारिश के कारण निर्माणाधीन 540 मेगावाट क्वार जलविद्युत परियोजना के पास डोडा-किश्तवाड़ हाईवे का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
डीसी बोले- क्लाउडबर्स्ट नहीं, सामान्य भारी बारिश का असर
डोडा के डिप्टी कमिश्नर कृष्ण लाल ने स्पष्ट किया कि यह घटना बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) की नहीं बल्कि अत्यधिक बारिश की वजह से हुई है। उन्होंने कहा कि प्रेम नगर क्षेत्र में पहाड़ी ढलान से मिट्टी और पत्थर सड़क पर आ गए थे, जिन्हें सुबह ही हटा दिया गया और यातायात सामान्य कर दिया गया। उन्होंने बताया कि चिराला तहसील और बागना लिंक रोड पर भी कीचड़ और मलबा जमा हुआ था, जिसे प्रशासन ने समय रहते साफ कर दिया।
अफवाहों से बचने की अपील
डिप्टी कमिश्नर ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी सूचना की पुष्टि जिला प्रशासन या कंट्रोल रूम से करने के बाद ही उसे साझा करें। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और बारिश से जुड़े हर घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। मौसम विभाग ने भी पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। (Amar Bharti)
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