काशीवासियों ने विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी का किया सम्मान, सावन से पहले श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत

वाराणसी के लाखों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। काशी द्वार से सुगम दर्शन व्यवस्था को अब बाबा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थायी रूप से लागू कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद स्थानीय श्रद्धालु बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के अपने वैध पहचान पत्र के आधार पर निर्धारित समय में सीधे ‘काशी द्वार’ (गेट नंबर 4-बी) से मंदिर में प्रवेश कर बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले का काशीवासियों के साथ-साथ स्थानीय व्यापारियों ने भी स्वागत किया है।
इसी निर्णय के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए शुक्रवार को विश्वनाथ गली व्यवसायी संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य वाराणसी दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के आवास पहुंचे और उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान काशी द्वार से सुगम दर्शन व्यवस्था को काशीवासियों के हित में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय बताया गया।
व्यवसायी संघ ने विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी का किया सम्मान
विश्वनाथ गली व्यवसायी संघ की ओर से विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी को फूल-माला पहनाकर तथा अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से स्थानीय नागरिकों की यह मांग थी कि काशीवासियों के लिए अलग और सरल दर्शन व्यवस्था बनाई जाए, जिससे उन्हें सामान्य श्रद्धालुओं की लंबी कतारों में अधिक समय तक इंतजार न करना पड़े।
व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि काशी द्वार से सुगम दर्शन व्यवस्था लागू होने से स्थानीय श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी और धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ शहर की व्यवस्थाएं भी बेहतर होंगी।
प्रतिदिन सुबह 4:15 बजे से रात 10:45 बजे तक मिलेगा प्रवेश
विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य स्थानीय श्रद्धालुओं को सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत काशीवासी अपने वैध पहचान पत्र के आधार पर प्रतिदिन सुबह 4:15 बजे से रात 10:45 बजे तक ‘काशी द्वार’ (गेट नंबर 4-बी) से मंदिर परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि काशी द्वार से सुगम दर्शन व्यवस्था के स्थायी होने से स्थानीय लोगों को विशेष सुविधा मिलेगी और मंदिर में दर्शन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित होगी।
सावन से पहले व्यवस्थाओं को लेकर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान आगामी सावन माह को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। सावन के दौरान बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों और श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर व्यवसायी संघ और विधायक के बीच विचार-विमर्श हुआ।
व्यवसायियों ने कहा कि काशी द्वार से सुगम दर्शन व्यवस्था के लागू होने से स्थानीय श्रद्धालुओं और बाहरी भक्तों के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सकेगा। इससे दर्शन व्यवस्था अधिक सुचारु होगी और भीड़ नियंत्रण में भी प्रशासन को सहायता मिलेगी।

व्यापारियों ने प्रशासन को दिया सहयोग का भरोसा
विश्वनाथ गली व्यवसायी संघ के पदाधिकारियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि सावन और अन्य विशेष अवसरों पर वे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि मंदिर क्षेत्र में स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन में व्यापारी हमेशा प्रशासन के साथ खड़े रहेंगे।
व्यवसायियों का मानना है कि काशी द्वार से सुगम दर्शन व्यवस्था न केवल स्थानीय लोगों के लिए लाभकारी होगी, बल्कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के अनुभव को भी बेहतर बनाएगी।
स्थानीय श्रद्धालुओं की लंबे समय से थी मांग
काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में स्थानीय नागरिक लंबे समय से अलग प्रवेश व्यवस्था की मांग कर रहे थे ताकि उन्हें बार-बार लंबी कतारों में खड़ा न होना पड़े।
सरकार द्वारा काशी द्वार से सुगम दर्शन व्यवस्था को स्थायी रूप से लागू करने के बाद अब काशीवासियों को नियमित रूप से आसान और सुविधाजनक दर्शन का लाभ मिलेगा। इससे मंदिर प्रशासन की व्यवस्था भी अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।

ये रहे मौजूद प्रमुख लोग
इस अवसर पर विश्वनाथ गली व्यवसायी संघ के रमेश तिवारी, डॉ. पवन शुक्ला, भानु मिश्रा, सुनील शर्मा ‘मुंशी’, सिद्धार्थ भारद्वाज, प्रतीक, महेश, मनोज प्रजापति और विष्णु कसेरा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
काशीवासियों के लिए बड़ी राहत
बाबा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में काशी द्वार से सुगम दर्शन व्यवस्था का स्थायी रूप से लागू होना काशीवासियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। सावन जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर से पहले लिया गया यह निर्णय स्थानीय श्रद्धालुओं को सरल दर्शन उपलब्ध कराने के साथ-साथ मंदिर की व्यवस्थाओं को भी अधिक व्यवस्थित बनाएगा। व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने इसे श्रद्धालुओं के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया है। (Amar Bharti)
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