नेहा बोरा रिहा, अभिजीत दीपके की हिरासत पर उठे सवाल

नेहा बोरा का दावा 5 घंटे थाने में रखा, वकील से संपर्क नहीं करने दिया

नेहा बोरा रिहा होने के बाद दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
नेहा बोरा की रिहाई के बाद अभिजीत दीपके की हिरासत को लेकर सवाल उठे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को लेकर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद नेहा बोरा रिहा हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें लंबे समय तक अपने वकील से बात करने और कानूनी सलाह लेने का मौका नहीं मिला। रिहाई के बाद नेहा ने अभिजीत दीपके समेत हिरासत में मौजूद दूसरे प्रदर्शनकारियों को भी छोड़ने की मांग की।

पांच घंटे थाने में रखने का नेहा बोरा का दावा

नेहा बोरा के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने उन्हें 16 अक्टूबर की शाम हिरासत में लिया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्हें आरके पुरम थाने में करीब पांच घंटे रखा गया। शनिवार सुबह रिहा होने के बाद उन्होंने अपनी रिहाई की जानकारी साझा की और बाकी प्रदर्शनकारियों को छोड़ने की मांग उठाई।

नेहा ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान के लिए आवाज उठाना अपराध नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि उन्हें कहां रखा गया है और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है।

वकील से संपर्क नहीं करने देने का आरोप

नेहा के वकील सुपंत सिन्हा ने आरोप लगाया कि उन्हें हिरासत में रखे जाने के दौरान कानूनी सहायता तक पहुंच नहीं दी जा रही थी। नेहा ने भी कहा कि उनके वकील उनसे संपर्क करने की कोशिश करते रहे, लेकिन कई घंटे तक बात नहीं हो सकी।

नेहा के अनुसार, बाद में वकीलों के फोन के जरिए संपर्क होने पर मुलाकात की अनुमति मिली। उन्होंने हिरासत के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस ने उनसे नाम-पता जैसी जानकारियां मांगीं, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने और कानूनी सलाह लेने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।

ये आरोप नेहा और उनके वकील की ओर से लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में दिल्ली पुलिस का इस मामले पर विस्तृत पक्ष शामिल नहीं है।

दीपांकर भट्टाचार्य ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की

नेहा की रिहाई के बाद भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि घंटों तक हिरासत में रखने के बाद दिल्ली पुलिस को नेहा को रिहा करना पड़ा।

दीपांकर भट्टाचार्य ने नेहा की रिहाई का श्रेय उनकी कानूनी टीम, साथियों, जागरूक नागरिक समाज और विपक्ष के प्रयासों को दिया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को गैर-जिम्मेदाराना और प्रतिशोधपूर्ण बताया। उनका कहना था कि ऐसी कार्रवाई विरोध की आवाज को कमजोर करने के बजाय लोगों को और एकजुट कर सकती है।

अभिजीत दीपके की स्थिति पर अब भी सवाल

CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें एसईएम कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दीपके की लोकेशन की जानकारी नहीं मिल रही और वकीलों को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा।

रत्ना सिंह ने पुलिस से अभिजीत की मौजूदा स्थिति और कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानकारी देने की मांग की। हालांकि, उपलब्ध सामग्री में अभिजीत की बाद की स्थिति या अदालत में पेशी की पुष्टि नहीं है।

हिरासत की कार्रवाई पर जवाब का इंतजार

नेहा बोरा की रिहाई के बाद अब अभिजीत दीपके की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नेहा और उनके वकील ने हिरासत के दौरान कानूनी सहायता न मिलने के आरोप लगाए हैं, जबकि CJP की लीगल हेड ने अभिजीत की लोकेशन को लेकर चिंता जताई है। इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस का विस्तृत पक्ष और अभिजीत की आगे की स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। (Amar Bharti)

एक नज़र इन पर भी डालें

CJP तिरंगा मार्च: कनॉट प्लेस से अभिजीत दीपके और नेहा बोरा हिरासत में, दिल्ली में सुरक्षा सख्त

कनॉट प्लेस में तिरंगा फहराने के ऐलान पर अलर्ट, 16-17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क बंद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *