न्यू नोएडा: DNGIR के नाम से अधिसूचित है न्यू नोएडा परियोजना

डिजिटल डेस्क, नोएडा। उत्तर प्रदेश में न्यू नोएडा परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। पहले चरण में 37 प्राथमिकता वाले गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर जिलों के 84 गांवों में प्रस्तावित यह शहर औद्योगिक विकास, विनिर्माण और माल ढुलाई के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
84 गांवों में विकसित होगा न्यू नोएडा
न्यू नोएडा को आधिकारिक तौर पर दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (DNGIR) के नाम से अधिसूचित किया गया है। यह परियोजना लगभग 209 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैलेगी। इसके तहत गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर के कुल 84 गांवों को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने रविवार को परियोजना की प्रगति की जानकारी साझा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बाद अब न्यू नोएडा पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उनके मुताबिक, इसका आकार मौजूदा नोएडा से भी बड़ा होगा।
पहले चरण में 37 गांवों की जमीन पर फोकस
न्यू नोएडा परियोजना के पहले चरण में 37 प्राथमिकता वाले गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह कदम प्रस्तावित औद्योगिक शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण है।

परियोजना का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध कराना है। इसके तहत विनिर्माण इकाइयों, माल ढुलाई और भंडारण से जुड़ी सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जाएगा।
न्यू नोएडा में आवासीय विकास से ज्यादा उद्योगों पर जोर
न्यू नोएडा का मास्टर प्लान 2041 पारंपरिक शहरी विकास मॉडल से अलग औद्योगिक गतिविधियों को प्राथमिकता देता है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आवासीय क्षेत्रों के साथ उद्योग विकसित हुए हैं, जबकि न्यू नोएडा में विनिर्माण और भारी लॉजिस्टिक्स के लिए विशेष व्यवस्था प्रस्तावित है।
मास्टर प्लान 2041 के तहत कुल क्षेत्रफल का करीब 40.27 प्रतिशत हिस्सा विनिर्माण और भारी लॉजिस्टिक्स के लिए निर्धारित किया गया है। इससे औद्योगिक इकाइयों, गोदामों तथा माल के भंडारण और परिवहन से संबंधित सुविधाओं के विकास का रास्ता खुलेगा।
इस औद्योगिक ढांचे से निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही, NCR में कारोबार कर रही कंपनियों को अपनी गतिविधियों का विस्तार करने के लिए अतिरिक्त जगह मिल सकती है।
दो बड़े माल ढुलाई कॉरिडोर से जुड़ेगा न्यू नोएडा
न्यू नोएडा की प्रमुख विशेषताओं में इसकी रेल माल ढुलाई नेटवर्क से कनेक्टिविटी शामिल है। दादरी के पास पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का मिलन होता है। ये दोनों कॉरिडोर देश में माल की आवाजाही को तेज और व्यवस्थित बनाने के लिए विकसित किए गए हैं।
इन कॉरिडोर से जुड़ाव होने पर औद्योगिक इकाइयों को कच्चा माल मंगाने और तैयार उत्पादों को दूसरे बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इससे परिवहन व्यवस्था की दक्षता बढ़ने और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

बोराकी में मल्टीमॉडल हब से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
न्यू नोएडा को बोराकी में प्रस्तावित दो प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जोड़ने की योजना है। इनमें मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब (MMLH) और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) शामिल हैं।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य माल ढुलाई और यात्रियों के परिवहन को बेहतर तरीके से जोड़ना है। न्यू नोएडा के विकास के साथ इन सुविधाओं का तालमेल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत कर सकता है।
औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में न्यू नोएडा
न्यू नोएडा परियोजना के तहत 84 गांवों में लगभग 209 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में नया औद्योगिक शहर विकसित करने की योजना है। पहले चरण में 37 गांवों की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होने के साथ परियोजना आगे बढ़ रही है। विनिर्माण, भारी लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई पर केंद्रित यह विकास योजना NCR में औद्योगिक विस्तार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। (Amar Bharti)
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