पुणे ‘छात्रों की गूंज’: भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं 70 करोड़ महिलाएं – राहुल गाँधी

पुणे ‘छात्रों की गूंज’: मनुस्मृति का जिक्र कर बोले राहुल- महिलाओं को खुद की पहचान के साथ जीना चाहिए

डिजिटल डेस्क, पुणे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्राओं से शिक्षा, सुरक्षा, बराबरी, पहचान और करियर जैसे मुद्दों पर संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल हुईं और राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए। राहुल गांधी ने भारतीय महिलाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत और पूंजी बताते हुए कहा कि बेटी, पत्नी या मां होना उनकी पूरी पहचान नहीं हो सकती।

राहुल गांधी छात्रों की गूंज कार्यक्रम में बोले- मैं लेक्चर देने नहीं आया

पुणे में राहुल गांधी छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान छात्राओं से सीधे संवाद करते नजर आए। उन्होंने कहा कि वह यहां लेक्चर देने या यह बताने नहीं आए हैं कि वह क्या सोचते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि वह छात्राओं को अपनी बात रखने और खुद को एक्सप्रेस करने का मौका देना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि वह युवा महिलाओं के साथ विचारों पर चर्चा करना चाहते हैं। राहुल गांधी ने कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि शायद पहली बार उन्हें किसी कार्यक्रम में लड़कों की तुलना में लड़कियां ज्यादा दिखाई दे रही हैं।

राहुल गांधी ने छात्राओं से कहा कि इस यूनिवर्स में हर व्यक्ति यूनिक है और हर किसी के पास जीवन के लिए अपना विजन है। उन्होंने छात्राओं को उनकी व्यक्तिगत पहचान और क्षमता को समझने पर जोर दिया।

‘भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं 70 करोड़ यूनिक महिलाएं’

राहुल गांधी ने पुणे ‘छात्रों की गूंज’: कार्यक्रम में देश की ताकत को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कोई भारत की सबसे बड़ी ताकत अर्थव्यवस्था को मान सकता है, कोई सैन्य शक्ति को, कोई मेडिकल सिस्टम को और कोई देश के लोगों को। लेकिन उनके मुताबिक भारत की सबसे बड़ी ताकत देश की 70 करोड़ यूनिक महिलाएं हैं।

राहुल गांधी ने भारतीय महिलाओं को संवेदनशील, सज्जन, दयालु और भविष्य को लेकर आगे की सोच रखने वाली बताया। उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं युवा हैं और देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं।

राहुल गांधी का यह बयान राहुल गांधी छात्रों की गूंज कार्यक्रम में उनके संवाद का प्रमुख हिस्सा रहा। उन्होंने छात्राओं को अपनी क्षमताओं और पहचान को किसी एक सामाजिक भूमिका तक सीमित नहीं रखने की बात कही।

‘बेटी, पत्नी और मां होना ही आपकी एकमात्र पहचान नहीं’

कार्यक्रम में राहुल गांधी ने महिलाओं की सामाजिक पहचान को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जब किसी महिला के बारे में बात की जाती है तो अक्सर उसे बेटी, पत्नी और मां के रूप में देखा जाता है।

उन्होंने कहा कि इन भूमिकाओं में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन ये किसी महिला की केवल एक पहचान नहीं हो सकती। राहुल गांधी ने कहा कि देश में प्रतिभाशाली महिलाएं हैं और उनकी पहचान सिर्फ किसी पुरुष के साथ उनके रिश्ते से तय नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे बेटी, पत्नी और मां हो सकती हैं, लेकिन वे सिर्फ इन रिश्तों से संबंधित नहीं हैं। उनका खुद से भी संबंध है और उनकी अपनी पहचान है। राहुल गांधी ने कहा कि इसी वजह से वह कार्यक्रम में छात्राओं को सुनने आए हैं।

‘पिंजरा तोड़ दो’, छात्राओं से राहुल गांधी की अपील

राहुल गांधी छात्रों की गूंज कार्यक्रम में महिलाओं की स्वतंत्र पहचान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। राहुल गांधी ने छात्राओं से ‘पिंजरा तोड़ दो’ की अपील की।

उन्होंने मनुस्मृति का हवाला देते हुए महिलाओं की पहचान को पिता, पति और बेटे से जोड़ने वाली सोच की आलोचना की। राहुल गांधी ने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि महिलाओं को स्वतंत्र होना चाहिए और उनकी पहचान खुद की होनी चाहिए।

उनकी बात का मुख्य संदेश यह था कि महिलाओं को किसी पुरुष के साथ अपने रिश्ते तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से अपनी पहचान, सोच और स्वतंत्र अस्तित्व को प्राथमिकता देने की बात कही।

कार्यक्रम से पहले पुणे में राजनीतिक टकराव

राहुल गांधी के पुणे ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर पुणे में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही। एनसीपी (SP) नेता रोहित पवार ने आरोप लगाया कि बीजेपी राहुल गांधी से डरी हुई है और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश कर रही है।

रोहित पवार ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है, जबकि छात्राओं को कथित तौर पर धमकाने और कार्यक्रम में जाने से रोकने वाले लोगों को खुलेआम घूमने दिया जा रहा है।

हालांकि, ये आरोप रोहित पवार की ओर से लगाए गए हैं और मूल कंटेंट में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का कोई उल्लेख नहीं है।

ABVP और NSUI सदस्यों के बीच हुई थी झड़प

पुणे में कार्यक्रम से एक दिन पहले, 21 अगस्त को यूनिवर्सिटी छात्रावास परिसर में ABVP और NSUI सदस्यों के बीच झड़प की बात सामने आई। इसके बाद शनिवार को युवा कांग्रेस के 50 से 60 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई।

रोहित पवार ने आरोप लगाया कि छात्राओं को धमकाने वाले ‘बीजेपी के किराए के गुंडे’ खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि NSUI कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज कर उन्हें परेशान किया जा रहा है।

यह पूरा विवाद राहुल गांधी छात्रों की गूंज कार्यक्रम के आसपास पुणे में बढ़ी राजनीतिक गतिविधियों को दर्शाता है। हालांकि, दोनों पक्षों के आरोपों को उनके संबंधित बयानों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

बीजेपी का दावा- कार्यक्रम के लिए पैसे देकर भीड़ जुटाई गई

राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम को लेकर बीजेपी ने भी कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। बीजेपी प्रवक्ता नवनाथ बन ने दावा किया कि कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए इन्फ्लुएंसर्स को पैसे दिए।

बीजेपी के इस दावे के मुताबिक, प्रत्येक इन्फ्लुएंसर को 35 हजार रुपये तक दिए गए और कार्यक्रम के लिए करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए। मूल कंटेंट में इस आरोप के समर्थन में कोई स्वतंत्र पुष्टि या दस्तावेज का उल्लेख नहीं है।

कांग्रेस ने बीजेपी के इस आरोप पर पलटवार किया। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने दावा किया कि युवाओं, खासकर ‘जेन जी’, के बीच राहुल गांधी के बढ़ते समर्थन को देखकर बीजेपी घबरा गई है।

पुणे में महिला मुद्दों से लेकर राजनीति तक चर्चा

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने मुख्य रूप से छात्राओं को अपनी बात रखने का मंच देने पर जोर दिया। शिक्षा, सुरक्षा, बराबरी और करियर से जुड़े मुद्दों के साथ उन्होंने महिलाओं की सामाजिक पहचान और स्वतंत्रता पर भी विस्तार से बात की।

वहीं, कार्यक्रम के आसपास हुए राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने इसे सिर्फ छात्र संवाद तक सीमित नहीं रहने दिया। एक तरफ राहुल गांधी छात्राओं के बीच महिला पहचान और स्वतंत्रता का मुद्दा उठा रहे थे, तो दूसरी तरफ बीजेपी और कांग्रेस के बीच कार्यक्रम को लेकर आरोपों का दौर भी चलता रहा।

आगे की तस्वीर

पुणे में राहुल गांधी छात्रों की गूंज कार्यक्रम का केंद्र छात्राओं की आवाज, उनकी पहचान और भविष्य से जुड़े मुद्दे रहे। राहुल गांधी ने भारतीय महिलाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत और पूंजी बताते हुए उनकी पहचान को पारिवारिक रिश्तों तक सीमित नहीं रखने की अपील की।

कार्यक्रम के समानांतर पुणे में बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी जारी रहे। ऐसे में ‘छात्रों की गूंज’ राहुल गांधी के छात्र संवाद के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी प्रमुख केंद्र बन गया। (Amar Bharti)

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