शिक्षा सुधार मिशन: एआरपी, निपुण और एसआरजी नियुक्तियों से बदलेगी सरकारी स्कूलों की तस्वीर

विद्यालयी शिक्षा में गुणवत्ता आधारित बदलाव लाने की दिशा में CM योगी का बड़ा कदम

उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधार मिशन के तहत एआरपी, निपुण, एसआरजी और ईसीसीई एजुकेटर की नियुक्तियों के जरिए सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने की पहल।
एआरपी, निपुण जिला समन्वयक, एसआरजी, ईसीसीई एजुकेटर और विशेष शिक्षकों की नियुक्तियों में तेज़ी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधार मिशन के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विद्यालयी शिक्षा में गुणवत्ता आधारित परिवर्तन लाने के लिए सबसे बड़ा अकादमिक ढांचा तैयार कर रही है। सरकार का मानना है कि इस मिशन के माध्यम से केवल आधुनिक भवन, स्मार्ट क्लास और आधारभूत सुविधाएं ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षित, सक्षम और जवाबदेह शैक्षणिक नेतृत्व भी विकसित किया जाएगा। इसी उद्देश्य से एआरपी, जिला समन्वयक (निपुण), स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी), ईसीसीई एजुकेटर और विशेष शिक्षकों की नियुक्तियां मिशन मोड में तेजी से आगे बढ़ाई जा रही हैं।

उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधार मिशन में एआरपी बनेंगे बदलाव की सबसे मजबूत कड़ी

उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधार मिशन के अंतर्गत एआरपी (अकादमिक रिसोर्स पर्सन) व्यवस्था को शिक्षा सुधार का सबसे प्रभावी माध्यम बनाया गया है। अब एआरपी केवल निरीक्षण नहीं करेंगे, बल्कि शिक्षकों को शैक्षणिक सहयोग, कक्षा शिक्षण में सुधार, सीखने के स्तर का विश्लेषण और विद्यालयों का नियमित अकादमिक मार्गदर्शन भी देंगे। इससे मिशन के लक्ष्य तेजी से पूरे होंगे।

वाराणसी नंबर-1, कई जिले भी शानदार प्रदर्शन में शामिल

उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधार मिशन की प्रगति के अनुसार वाराणसी ने 100 प्रतिशत एआरपी उपलब्धता हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। देवरिया और हाथरस 98 प्रतिशत, बस्ती एवं कौशाम्बी 95 प्रतिशत, अलीगढ़ और सिद्धार्थनगर 94 प्रतिशत तथा कुशीनगर 93 प्रतिशत उपलब्धता के साथ अग्रणी जिलों में शामिल हैं। मिशन के तहत अन्य जिलों में भी रिक्तियां तेजी से भरी जा रही हैं।

निपुण भारत मिशन को मिलेगी नई रफ्तार

उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधार मिशन के तहत जिला समन्वयक (निपुण) की नियुक्तियां भी तेजी से पूरी की जा रही हैं। अब तक 39 जनपदों में चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि शेष जिलों में इंटरव्यू, दस्तावेज सत्यापन, वित्तीय मूल्यांकन और प्रशासनिक प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधार मिशन के माध्यम से निपुण भारत मिशन, शिक्षक प्रशिक्षण, डाटा आधारित मॉनिटरिंग और सीखने के परिणामों का मूल्यांकन अधिक प्रभावी होगा।

एसआरजी और विशेष शिक्षक देंगे नई मजबूती

उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधार मिशन के अंतर्गत स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। एसआरजी शिक्षक प्रशिक्षण, शैक्षणिक नवाचार और अकादमिक नेतृत्व को नई दिशा देंगे। वहीं विशेष शिक्षकों की नियुक्ति से मिशन के जरिए समावेशी शिक्षा को और मजबूत बनाया जाएगा, जिससे दिव्यांग बच्चों सहित प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंच सकेगी।

ईसीसीई एजुकेटर से मजबूत होगी प्रारंभिक शिक्षा

उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधार मिशन के तहत नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप ईसीसीई एजुकेटर की नियुक्तियां भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। पहले चरण में कई जनपदों में एजुकेटर कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं, जबकि दूसरे चरण की नियुक्तियां भी तेजी से पूरी हो रही हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधार मिशन के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा बच्चों को प्रारंभिक स्तर से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लक्ष्य होंगे मजबूत

उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधार मिशन के जरिए प्रदेश सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को तेजी से धरातल पर उतार रही है। प्रशिक्षित शैक्षणिक नेतृत्व, सतत प्रशिक्षण और आधुनिक मॉनिटरिंग व्यवस्था से उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधार मिशन सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

शिक्षा व्यवस्था में आएगा ऐतिहासिक परिवर्तन

उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधार मिशन को योगी सरकार दीर्घकालिक शिक्षा सुधार की सबसे महत्वपूर्ण पहल मान रही है। एआरपी, निपुण जिला समन्वयक, एसआरजी, ईसीसीई एजुकेटर और विशेष शिक्षकों की व्यापक तैनाती से विद्यालयों में अकादमिक नेतृत्व मजबूत होगा, शिक्षकों की क्षमता बढ़ेगी और सीखने के परिणामों की नियमित निगरानी सुनिश्चित होगी। मिशन के माध्यम से डाटा आधारित अनुश्रवण, जवाबदेह कार्यसंस्कृति और सतत प्रशिक्षण के जरिए सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। (Amar Bharti)

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