SIR पर दिल्ली में सियासी संग्राम, राहुल-प्रियंका समेत विपक्षी नेताओं की हिरासत, बेंगलुरु में ‘चप्पल प्रोटेस्ट’

SIR को लेकर दिल्ली में विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन किया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हिरासत में लिए गए। बेंगलुरु में 8 अक्टूबर को चप्पल प्रोटेस्ट होगा।

दिल्ली में SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन की तस्वीर।
दिल्ली में SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन की तस्वीर।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक टकराव लगातार तेज हो रहा है। 6 अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग से सवाल कर रहे हैं और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों तथा नाम हटाए जाने के मुद्दे को राजनीतिक बहस का केंद्र बना रहे हैं।

दिल्ली के बाद अब बेंगलुरु में भी SIR के खिलाफ विरोध की तैयारी सामने आई है। Citizens for Justice and Peace यानी CJP ने 8 अक्टूबर को ‘चप्पल प्रोटेस्ट’ का ऐलान किया है। इसमें अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज के शामिल होने की बात कही गई है।

चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन

6 अक्टूबर को विपक्षी दलों के नेताओं और सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांगों में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण SIR को लेकर स्पष्टीकरण तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी शामिल रही।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। प्रदर्शन के दौरान कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी हिरासत में लिए गए नेताओं में शामिल रहे।

प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने SIR को लेकर अपनी आपत्तियां दोहराईं। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम हटने और प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। दूसरी ओर चुनाव आयोग लगातार यह कहता रहा है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावी रोल को अधिक सटीक बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है।

SIR पर आरोप और जवाब का दौर

SIR को लेकर मुख्य राजनीतिक विवाद मतदाता सूची की शुद्धता और प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा है। विपक्ष का कहना है कि प्रक्रिया में यदि पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई तो पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं।

वहीं चुनाव आयोग की ओर से प्रक्रिया और उसके प्रावधानों को लेकर जवाब दिया जा रहा है। ऐसे में विवाद केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक दलों के बीच बड़े टकराव का मुद्दा बन गया है।

बेंगलुरु में 8 अक्टूबर को ‘चप्पल प्रोटेस्ट’

दिल्ली के बाद अब बेंगलुरु में भी SIR को लेकर विरोध की तैयारी है। CJP ने 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में कार्यक्रम का ऐलान किया है। कार्यक्रम में पहले SIR से जुड़े मुद्दों पर People’s Tribunal आयोजित किए जाने की बात कही गई है।

इसके बाद ‘चप्पल प्रोटेस्ट’ आयोजित करने की घोषणा की गई है। आयोजकों के अनुसार यह प्रदर्शन महिलाओं के समर्थन में भी होगा। अभिनेता प्रकाश राज के इसमें शामिल होने की संभावना बताई गई है।

SIR अब राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र

SIR को लेकर जारी घटनाक्रम से स्पष्ट है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण अब केवल प्रशासनिक प्रक्रिया का विषय नहीं रह गया है। विपक्ष इसे चुनावी पारदर्शिता और मताधिकार से जोड़ रहा है, जबकि चुनाव आयोग प्रक्रिया को मतदाता सूची को व्यवस्थित और अद्यतन करने की कवायद के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।

दिल्ली में हिरासत और बेंगलुरु में प्रस्तावित प्रदर्शन के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग की ओर से दिए जाने वाले जवाब और राजनीतिक दलों की अगली रणनीति पर नजर रहेगी। (AMAR BHARTI)

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