यूपी विधानसभा का तृतीय सत्र 3 अगस्त से, योगी कैबिनेट ने अनुपूरक बजट समेत विधायी कार्यों को दी मंजूरी

यूपी विधानसभा का तृतीय सत्र 3 अगस्त से होगा शुरू, 2026-27 के अनुपूरक बजट पर होगी चर्चा

यूपी विधानसभा का तृतीय सत्र 3 अगस्त 2026 से शुरू होगा
योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल का तृतीय सत्र 3 अगस्त 2026 से बुलाने को मंजूरी दी।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों का वर्ष 2026 का तृतीय सत्र 3 अगस्त 2026 से बुलाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। आगामी सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट, अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक और अन्य महत्वपूर्ण विधायी कार्य सदन में पेश किए जाएंगे। यूपी विधानसभा बजट को लेकर हर कोई अपना-अपना आंकलन लगा रहा है।

कैबिनेट के इस निर्णय के बाद यूपी विधानसभा के आगामी सत्र की तारीख तय हो गई है। सत्र के दौरान सरकार वित्तीय और विधायी एजेंडे से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों को आगे बढ़ाएगी।

यूपी विधानसभा का तृतीय सत्र 3 अगस्त से होगा शुरू

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का तृतीय सत्र 3 अगस्त 2026 से शुरू होगा। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कैबिनेट ने सत्र बुलाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक अनुदानों की मांगें विधानमंडल के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी। इसके अलावा अन्य आवश्यक विधायी और शासकीय कार्य भी सदन की कार्यवाही में शामिल होंगे।

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य-संचालन नियमावली के तहत सत्र की निर्धारित तिथि की सूचना सामान्यतः सभी सदस्यों को सात दिन पहले उपलब्ध कराई जाती है।

2026-27 के अनुपूरक बजट पर होगी चर्चा

आगामी सत्र का प्रमुख कार्य वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक अनुदानों की मांगों को विधानमंडल के समक्ष रखना होगा। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि सरकार अनुपूरक अनुदानों की मांगें सदन में प्रस्तुत करेगी।

अनुपूरक अनुदानों की मांगें सरकार के अतिरिक्त वित्तीय प्रावधानों से जुड़ी होती हैं। इन मांगों को यूपी विधानसभा की प्रक्रिया के अनुसार सदन के समक्ष रखा जाएगा। इसके साथ ही सत्र के दौरान अन्य आवश्यक विधायी कार्य भी किए जाएंगे।

अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक भी होंगे पेश

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि पिछले सत्रावसान के बाद शासन के महत्वपूर्ण निर्णयों के क्रियान्वयन के लिए प्रख्यापित अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक भी आगामी सत्र में पेश किए जाएंगे।

इन विधेयकों को सदन में प्रस्तुत कर पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा सरकार की ओर से आवश्यक विधायी और शासकीय कार्य भी तृतीय सत्र के दौरान संपादित किए जाएंगे।

पिछला सत्र 30 अप्रैल को आहूत किया गया था

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का द्वितीय सत्र 30 अप्रैल को आहूत किया गया था। उसी दिन विधानसभा और विधान परिषद की बैठक समाप्त होने के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी।

इसके बाद 7 मई 2026 से सत्रावसान कर दिया गया था। अब आगामी तृतीय सत्र 3 अगस्त 2026 से बुलाने का निर्णय लिया गया है।

छह महीने से अधिक का अंतर नहीं हो सकता

यूपी विधानसभा का आगामी सत्र बुलाने का निर्णय संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप लिया गया है। संविधान के अनुच्छेद 174 और उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य-संचालन नियमावली के अनुसार विधानमंडल के दो सत्रों के बीच छह महीने से अधिक का अंतर नहीं हो सकता।

इसी संवैधानिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश विधानमंडल का तृतीय सत्र 3 अगस्त 2026 से आहूत किए जाने का निर्णय लिया गया है। फिलहाल सभी की निगाहें अब इस बजट पर टिकी हुई हैं. 3 अगस्त को बुलाया गया यह बजट 7 मई को समाप्त हो जाएगा।

सरकार के महत्वपूर्ण विधायी कार्य होंगे पूरे

आगामी सत्र के दौरान अनुपूरक अनुदानों की मांगों के अलावा अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक और अन्य आवश्यक विधायी कार्य सदन में संपादित किए जाएंगे। सरकार की ओर से सत्र के लिए आवश्यक विधायी और शासकीय कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

कैबिनेट के निर्णय के बाद विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों को सत्र की निर्धारित तारीख के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। नियमों के अनुसार सत्र शुरू होने से पहले सदस्यों को निर्धारित समय के भीतर सूचना देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

बड़े मुद्दों पर होगी चर्चा

योगी सरकार की कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को 3 अगस्त से बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक अनुदानों की मांगें, अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक और अन्य महत्वपूर्ण विधायी एवं शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे। यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 174 के तहत निर्धारित सत्रों के बीच अधिकतम छह महीने के अंतर की व्यवस्था के अनुरूप लिया गया है। अब देखना होगा कि इस बजट में उत्तर प्रदेश को क्या कुछ मिलने वाला है। सभी की निगाहें फिलहाल इस बजट पर टिकी हुई हैं। (Amar Bharti)

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