कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में हुए कथित हमलों में 13 नागरिकों की मौत और 14 लोगों के घायल होने का दावा किया गया है।

नई दिल्ली/अमर भारती। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा क्षेत्र में तनाव एक बार फिर गहरा गया है। अफगान प्रशासन ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने देश की हवाई सीमा का उल्लंघन करते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में हवाई हमले किए, जिनमें महिलाओं और बच्चों समेत कई नागरिक हताहत हुए हैं। इस घटना के बाद दोनों पड़ोसी देशों के संबंधों में नया तनाव पैदा हो गया है।
अफगानिस्तान ने क्या लगाए आरोप?
अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने एक बयान जारी कर कहा कि बीती रात पाकिस्तान की ओर से अफगान क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई की गई। उनके अनुसार, लड़ाकू विमानों ने पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान के कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। आरोप है कि बमबारी के कारण कई घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और स्थानीय आबादी में भय का माहौल बन गया।
बच्चों और महिलाओं समेत 13 लोगों की मौत
अफगान अधिकारियों का दावा है कि इस हमले में कुल 13 नागरिकों की मौत हुई है। मृतकों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा कम से कम 14 लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अफगान सरकार की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। कई परिवारों के घर क्षतिग्रस्त होने के कारण उन्हें अस्थायी शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कथित तौर पर हमले के बाद का दृश्य दिखाई दे रहा है। हालांकि इन तस्वीरों और वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
पाकिस्तान का पक्ष क्या है?
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जबीउल्लाह मुजाहिद ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जा सकता और नागरिक आबादी को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के खिलाफ है। अफगान प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले का संज्ञान लेने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए प्रयास करने की अपील की है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या पड़ेगा असर?
दूसरी ओर, इस घटना पर पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। अतीत में पाकिस्तान ने सीमा पार सैन्य अभियानों को आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई बताते हुए उचित ठहराया है, जबकि अफगानिस्तान ने कई बार ऐसे अभियानों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा, आतंकवाद और अवैध गतिविधियों को लेकर लंबे समय से मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकती हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों की प्रतिक्रियाओं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के रुख पर स्थिति काफी हद तक निर्भर करेगी।