गाजिपुर: सपा डेलीगेशन पर हुआ था पथराव, 15 वर्षीय लड़की की मौत के बाद परिवार से मिलने पहुंचा था डेलीगेशन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल पर हुए पथराव की घटना ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। बता दें कि इस हिंसा में पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा, जंगीपुर से सपा विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव, महिला कार्यकर्ता रीना यादव और बिंदु सहित कई लोग घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इस मामले को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और यह घटना सरकार के इशारे पर कराई गई है।
लखनऊ में पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने गाजीपुर की घटना को बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा हमारे लोगों के साथ बहुत गलत हुआ है। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला सुनियोजित था और इसमें शामिल लोगों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।
कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल, कार्रवाई पर जताई नाराजगी
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह असफल रही है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी खुद कुछ नहीं कर पा रही है और दूसरों के पीछे छिपकर काम कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगर सरकार निष्पक्ष होती, तो दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई होती, लेकिन इसके उलट सपा कार्यकर्ताओं पर ही मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
असल पत्थरबाजों को क्यों बचाया जा रहा है ?
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि असली हमलावरों को बचाने की कोशिश क्यों की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि हमलावरों के पास न केवल पत्थर बल्कि असलहे भी मौजूद थे, जिससे घटना की गंभीरता और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि भले ही गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हों, लेकिन कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं घटना के बाद सपा ने एक बार फिर गाजीपुर जाने का ऐलान किया है। इस बार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राम आसरे विश्वकर्मा और सीमा राजभर करेंगी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
पीड़ित परिवार को 5 लाख की सहायता
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सहयोग है, जबकि असली जरूरत न्याय सुनिश्चित करने की है। अखिलेश यादव ने प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने हरदोई और प्रतापगढ़ की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और सरकार इन मामलों में गंभीरता नहीं दिखा रही है।
वहीं अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि यदि उनकी सरकार बनती है, तो किसानों का गन्ना भुगतान 24 घंटे के भीतर किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बुनकर समाज की समस्याओं के स्थायी समाधान का भी वादा किया।
क्या है पूरा मामला?
समाजवादी पार्टी का डेलिगेशन गांव में निशा विश्वकर्मा (16-17 वर्षीय दलित लड़की) के परिवार से मिलने जा रहा था। लड़की की लाश 15 अप्रैल 2026 को बरामद हुई थी। परिवार का आरोप है कि लड़की के साथ बलात्कार के बाद हत्या की गई, जबकि कुछ पक्ष इसे डूबने की घटना बता रहे हैं। समाजवादी पार्टी इस मामले में पीड़ित परिवार को पांच लाख रूपए बतौर मुआवज़ा देने की बात कर रही है.