सरकारी सेवा में कार्यरत अधिकारी को लगा 20 हजार का फटका, हाउसिंग कंपनी का पता भी निकला फर्जी

दिल्ली-एनसीआर। नोएडा में एक परिवार को हाउसकीपिंग सर्विस कंपनी के जरिए कुक रखना परेशानी का सबब गया। जानकारी के मुताबिक नोएडा के सेक्टर 78 में रहने वाले सरकारी सेवा में कार्यरत आलोक यादव ने सुलेखा डॉट कॉम पर सर्विस के लिए ऑन लाइन रिक्वेस्ट डाली थी जिसके बाद दो कंपनियों ने उनसे कॉन्टेक्ट किया था. इनमें से एक कंपनी जेपी होम सर्विस ने कुछ प्रोफाइल भी सेंड किए थे जिसमें कंपनी ने गुड़गांव के दो एड्रेस दिए थे और सर्विस देने के तौर पर आलोक यादव से 20 हजार रूपए जमा करने के लिए कहा. आलोक यादव ने कंपनी को बताई गई धनराशी ऑन लाइन जमा भी करा दी लेकिन असली परेशानी तब खड़ी हुई जब कंपनी ने उन्हे सर्विस ठीक से नहीं दी. बार-बार शिकायत के बाद भी कंपनी से कोई उचित जवाब नहीं मिला तो आलोक यादव ने कंपनी के द्वारा दिए गए पते पर जाने का निर्णय लिया. उन्होने अपने कुछ जानकार लोगो को गुड़गांव के पते पर भेजा भी, उसके बाद जो हुआ वो काफी चौंकाने वाला था.
आलोक यादव ने बताया कि जब उन्होंने दिए गए एड्रेस के बारे में जानकारी हासिल की तो पता चला कि गुड़गांव के दोनों पते फर्जी हैं. अब अगर दिए गए पते ही फर्जी हैं तो फिर कंपनी के सत्यापन की क्या गारंटी. सर्विस एजेंसी के फर्जी होने का शक होने के बाद आलोक यादव ने कंज्यूमर केस दायर किया और लेबर कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर से भी शिकायत की और दोनों फर्जी एजेंसियों के विरूद्ध कार्रवाई करने की मांग की.
गौरतलब है कि जय प्रकाश आनंद नाम का शख्स जेपी होम सॉल्यूशन के नाम से अपनी कंपनी चलाता है. खुद को कंपनी का डायरेक्टर लिखने वाले जय प्रकाश ने अपनी कंपनी को गुड़गांव में फर्जी पते पर रजिस्टर्ड दिखाया है जबकि पता करने पर उसके द्वारा दिए गए पते फर्जी निकले. ऐसे में होम सर्विस देने वाली ऐसी फर्जी कंपनियां सुरक्षा के लिहाज से काफी ख़तरनाक साबित हो सकती हैं और इनकी आड़ में कोई बड़ी घटना घट सकती है.
आलोक यादव ने मांग की है कि ऐसी कंपनियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि कोई अन्य व्यक्ति या बुजुर्ग इनका शिकार न बनें. अब देखना होगा कि ऐसी फर्जी कंपनियों के विरूद्ध क्या प्रशासनिक कार्रवाई होती है.