मृतक नीरज किराए पर मैजिक वाहन चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था, भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर रोक लगाने की मांग

रिपोर्ट:पंकज चतुर्वेदी
बाराबंकी में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार डंपर ने परिवार को कुचला, 4 की मौत
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के Barabanki जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र स्थित झांसा गांव में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। भीषण गर्मी और लगातार बिजली कटौती के कारण घर के बाहर सड़क किनारे सो रहे एक परिवार पर तेज रफ्तार बेकाबू डंपर चढ़ गया। हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल है।
जानकारी के मुताबिक हादसा रात करीब दो बजे हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि तेज रफ्तार डंपर पहले सड़क किनारे खड़े एक पेड़ से टकराया, लेकिन चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। पेड़ से टकराने के बाद डंपर सीधे सड़क किनारे सो रहे परिवार के ऊपर चढ़ गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में अफरा-तफरी फैल गई।
स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और डंपर के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। सभी घायलों को आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने नीरज (35), उनके बेटे अनुराग (13), अंशू (6) और बेटी अंशिका (10) को मृत घोषित कर दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल पत्नी आरती (35) की हालत चिंताजनक बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences रेफर किया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार मृतक नीरज किराए पर मैजिक वाहन चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। मेहनत-मजदूरी कर बच्चों का भविष्य संवारने वाले नीरज के परिवार पर इस हादसे ने कहर बरपा दिया। गांव के लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी और बिजली कटौती के चलते परिवार घर के बाहर सोने को मजबूर था, तभी यह हादसा हो गया।
घटना के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और डंपर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस फरार चालक की तलाश में जुटी हुई है।
एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने और क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर रोक लगाने की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।