बिहार रबी महाअभियान-2026: जीरो टिलेज, सीड ड्रिल और कृषि अनुदान की मिलेगी जानकारी

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 अक्टूबर को पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के ‘संवाद’ में वासंतिक (रबी) महाअभियान-2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने 38 किसान जागरूकता वाहनों और 2 कृषि ज्ञान वाहनों समेत कुल 40 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान का उद्देश्य किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है, ताकि खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सके।
बिहार रबी महाअभियान-2026 के तहत गांव-गांव पहुंचेंगे जागरूकता वाहन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करना जरूरी है। इससे फसलों का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने, खेती की लागत घटाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
इसी उद्देश्य से रवाना किए गए जागरूकता वाहन राज्य के सभी जिलों में पहुंचेंगे। इनके माध्यम से किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं और रबी सीजन में अपनाई जाने वाली खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
अभियान में गेहूं, मक्का, दलहन और तिलहन की उन्नत खेती पर विशेष जानकारी देने की व्यवस्था की गई है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीजों के इस्तेमाल और कृषि यंत्रों की उपयोगिता के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।

जीरो टिलेज, सीड ड्रिल और कृषि अनुदान की मिलेगी जानकारी
रबी महाअभियान के दौरान किसानों को खेती में आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल के बारे में बताया जाएगा। इसमें जीरो टिलेज और सीड ड्रिल मशीन जैसी तकनीकें शामिल हैं। इनका उद्देश्य खेती की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने के बारे में किसानों को जानकारी देना है।
किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से मिलने वाले कृषि अनुदान की जानकारी भी दी जाएगी। इससे किसान कृषि विभाग की योजनाओं और उनसे जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
अभियान के जरिए किसानों को उन्नत खेती के तरीकों से परिचित कराने के साथ-साथ कृषि संबंधी सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
हर पंचायत में कृषि जन कल्याण चौपाल और किसान मेला
बिहार रबी महाअभियान-2026 के तहत जागरूकता वाहनों के साथ पंचायत स्तर पर भी कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम के अंतर्गत हर पंचायत में कृषि जन कल्याण चौपाल-सह-खेत बचाओ अभियान चलाया जाएगा।
इसके अलावा किसान मेलों, कृषि पाठशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से किसानों को खेती से जुड़े विषयों पर जानकारी देने और कृषि तकनीकों के बारे में जागरूक करने की योजना है।
बिहार रबी महाअभियान-2026 के अंतर्गत पंचायत स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों से किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं, फसल उत्पादन और खेती की बेहतर प्रक्रियाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
मिट्टी की जांच से लेकर सिंचाई के आधुनिक तरीकों तक पर जोर
बिहार रबी महाअभियान-2026 में मिट्टी की जांच, फसल अवशेष प्रबंधन और जैविक खेती जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है। मिट्टी की जांच के जरिए खेती में मिट्टी की स्थिति को समझने के महत्व के बारे में किसानों को जानकारी दी जाएगी।
फसल अवशेष प्रबंधन के तहत खेतों में बचे अवशेषों के उचित प्रबंधन को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही बिहार रबी महाअभियान-2026 में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने और ड्रिप-स्प्रिंकलर सिंचाई जैसी तकनीकों के प्रति किसानों को जागरूक करने की योजना है।
इन विषयों को अभियान में शामिल करने का उद्देश्य किसानों तक खेती से जुड़ी उपयोगी तकनीकी जानकारी पहुंचाना और उन्हें उपलब्ध विकल्पों से परिचित कराना है।

कृषि मंत्री और उपमुख्यमंत्री भी रहे मौजूद
बिहार रबी महाअभियान-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुल 40 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
राज्य के सभी जिलों में पहुंचने वाले इन वाहनों के जरिए किसानों को फसलों की उन्नत खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज, कृषि यंत्रों, अनुदान और आधुनिक सिंचाई पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी।
किसानों तक वैज्ञानिक खेती की जानकारी पहुंचाने की पहल
बिहार रबी महाअभियान-2026 के तहत 40 जागरूकता वाहनों और पंचायत स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी देने की योजना बनाई गई है। अभियान में उन्नत फसल उत्पादन, कृषि योजनाओं, मिट्टी जांच, जैविक खेती और सिंचाई तकनीकों पर जोर दिया गया है। इसका घोषित उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करना और उत्पादन, उत्पादकता तथा आमदनी बढ़ाने में सहायता करना है। (Amar Bharti)
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