CEC ज्ञानेश कुमार: AAP, BJD, BRS, DMK और TVK से भी संपर्क, BJP ने साधा निशाना

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों के बीच चर्चा तेज हो गई है। सीपीएम महासचिव एमए बेबी और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के बीच हुई बातचीत में चुनाव आयोग से जुड़े हालिया घटनाक्रम, चुनावी सुधार और संयुक्त कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई। इस बीच आम आदमी पार्टी, बीजेडी, बीआरएस, डीएमके और टीवीके समेत अन्य दलों से भी संयुक्त रणनीति के लिए संपर्क किया गया है।
CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर एमए बेबी और ममता बनर्जी में बातचीत
CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़े हालिया घटनाक्रम के बीच सीपीएम और टीएमसी के शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत हुई। सूत्रों के मुताबिक, सीपीएम महासचिव एमए बेबी ने 23 सितंबर को इंडिया ब्लॉक के नेताओं को संयुक्त विपक्षी रणनीति को लेकर पत्र भेजा था।
यह पत्र दिल्ली में टीएमसी के संसदीय दल के कार्यालय को भी भेजा गया था। पत्र ममता बनर्जी के सामने रखा गया, जिसके बाद उन्होंने अगले दिन जवाब दिया। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर एमए बेबी और ममता बनर्जी के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस दौरान CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा की गई।
एमए बेबी ने अपने पत्र में इंडिया ब्लॉक प्लस की पार्टियों को एक मंच पर लाने की जरूरत बताई थी। इसमें CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग और चुनावी सुधारों को लेकर अभियान शुरू करने की बात कही गई थी।
संयुक्त कार्रवाई के प्रस्ताव पर ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया
सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने एमए बेबी के संयुक्त कार्रवाई के प्रस्ताव का स्वागत किया। उन्होंने सभी विपक्षी दलों से अपने मतभेदों को अलग रखते हुए जल्द से जल्द दिल्ली में बैठक करने की जरूरत पर जोर दिया, ताकि ‘लोकतंत्र को बचाया’ जा सके।
ममता बनर्जी ने हाल में राहुल गांधी के साथ हुई अपनी बातचीत का भी जिक्र किया। सूत्रों के मुताबिक, बातचीत के दौरान बंगाल की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
सीपीएम और टीएमसी की बातचीत में CEC ज्ञानेश कुमार तथा ‘देश में किए जा रहे चुनावी फर्जीवाड़े’ के खिलाफ बड़े स्तर पर देशव्यापी अभियान शुरू करने की जरूरत पर भी सहमति की बात सामने आई है।
AAP, BJD, BRS, DMK और TVK से भी संपर्क
इस व्यापक विचार-विमर्श के तहत बीजेपी के अलावा अन्य राजनीतिक दलों से बड़े स्तर पर समन्वय की अपील की गई है। एमए बेबी ने विपक्षी दलों से इस मुद्दे पर एक साथ आने और इंडिया ब्लॉक की पार्टियों के साथ मिलकर आगे बढ़ने की बात कही थी।

सूत्रों के मुताबिक, संयुक्त रणनीति के लिए आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल, बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक, बीआरएस और डीएमके को भी पत्र भेजे गए हैं। सीईसी और ‘चुनावी गड़बड़ियों’ के खिलाफ एकजुट होने के लिए विजय की टीवीके को भी पत्र भेजा गया है।
इस तरह CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद को लेकर विपक्षी दलों के बीच व्यापक स्तर पर समन्वय की कोशिश की जा रही है। हालांकि, मूल कंटेंट में इन दलों की ओर से भेजे गए पत्रों पर विस्तृत प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।
जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव दिया
इस मुद्दे पर वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी भी सामने आए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग के सदस्यों के चयन की व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव दिया है।
जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए फिर से तीन सदस्यीय समिति की व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए। उनके प्रस्ताव के मुताबिक, इस समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल हों।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को फिर से लागू करने के लिए विधेयक में संशोधन लाया जाना चाहिए। मूल कंटेंट के मुताबिक, वाईएसआरसीपी मुद्दे के आधार पर बीजेपी को समर्थन देती रही है और अब चुनाव आयोग तथा मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े विवाद में शामिल हो गई है।
बीजेपी ने विपक्षी एकजुटता पर साधा निशाना
विपक्षी दलों की इस पहल पर बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। दिलीप घोष ने ममता बनर्जी की इंडिया ब्लॉक को लेकर की जा रही पहल पर तंज कसा है।

ममता बनर्जी की ओर से सीपीआईएम महासचिव से फोन पर बातचीत और अगले सप्ताह इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाने की मांग पर दिलीप घोष ने कहा कि अब उन्हें दिल्ली जाना चाहिए, क्योंकि यहां उनके लिए कुछ नहीं बचा है।
उन्होंने कहा कि जब पहले उन्हें बैठक के लिए बुलाया जा रहा था, तब वह नहीं गईं। अब जब वह खुद बैठक के लिए फोन कर रही हैं, तो देखना होगा कि आगे क्या होता है।
बीजेपी के मंत्री उमेश राय ने भी विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपने अस्तित्व को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। उनके मुताबिक, जब कुछ मिलता है तो सभी एकजुट हो जाते हैं, लेकिन चुनाव आते ही फिर अलग-अलग हो जाते हैं।
उमेश राय ने कुछ दिन पहले ब्रिगेड परेड ग्राउंड में 40 से अधिक राजनीतिक दलों के एक जगह इकट्ठा होने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आने पर सभी अलग-अलग हो गए।
चुनाव आयोग के आरोपों पर कोर्ट जाने की सलाह
उमेश राय ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को लेकर विपक्षी दलों से सड़क पर उतरने के बजाय कोर्ट जाने को कहा।
उन्होंने कहा कि अगर विपक्षी दलों के पास आरोपों के सबूत हैं तो उन्हें कोर्ट जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग कई बार देशद्रोहियों को बचाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाते रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग के खिलाफ लड़ाई के लिए सड़क पर उतर रहे हैं।
उमेश राय ने कहा कि यह समाज के लिए अच्छा नहीं होगा।
आगे की रणनीति
CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों के बीच संयुक्त रणनीति बनाने की कोशिश तेज हुई है। एमए बेबी और ममता बनर्जी की बातचीत के साथ कई अन्य दलों से संपर्क और संयुक्त कार्रवाई की चर्चा सामने आई है। वहीं, बीजेपी नेताओं ने विपक्ष की इस पहल पर सवाल उठाते हुए आरोपों के समर्थन में सबूत होने पर कोर्ट जाने की बात कही है। (Amar Bharti)
एक नज़र इन पर भी डालें
जाते मानसून का पलटवार: Rain, लैंडस्लाइड और बर्फबारी से मचा हाहाकार
UNGA में नेतन्याहू के भाषण पर बड़ा वॉकआउट, ये मुस्लिम देश रहे मौजूद