इस्तीफे के बाद संसद पहुंचने पर धर्मेन्द्र प्रधान का जोरदार स्वागत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के संसद भवन पहुंचने पर NDA सांसदों ने मकर द्वार पर उनका जोरदार स्वागत किया। सांसदों ने उन्हें पाग पहनाकर सदन के भीतर पहुंचाया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुए इस स्वागत को बीजेपी की ओर से एक अहम राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
मकर द्वार पर धर्मेंद्र प्रधान का स्वागत, पाग पहनाकर सदन में ले गए सांसद
धर्मेंद्र प्रधान के संसद भवन पहुंचते ही NDA सांसदों ने उनका स्वागत किया। मकर द्वार पर सांसदों ने उन्हें पाग पहनाई और इसके बाद सम्मान के साथ सदन के भीतर लेकर गए।
बीजेपी के इस कदम से यह संदेश देने की कोशिश मानी जा रही है कि पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के साथ मजबूती से खड़ी है। शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफे के बाद उनके प्रति पार्टी और सरकार के रुख को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज थीं।

स्वागत के जरिए 3 बड़े संदेश देने की कोशिश
धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत को लेकर सत्ता पक्ष की रणनीति को तीन अहम संदेशों से जोड़कर देखा जा रहा है।
- इस्तीफा स्वेच्छा से लिया गया फैसला था।
- प्रधान के साथ पार्टी और सरकार मजबूती से खड़ी है।
- इस्तीफा किसी दबाव या असंतोष का नतीजा नहीं था।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार यह संदेश देना चाहती है कि धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों और देश के हित को ध्यान में रखते हुए अपनी अंतरात्मा की आवाज पर इस्तीफा दिया।
बीजेपी का संदेश- धर्मेंद्र प्रधान के फैसले के साथ खड़ा है संगठन
सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा नहीं मांगा था। सत्ता पक्ष अब उनके संसद पहुंचने पर हुए स्वागत के जरिए यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि इस्तीफा किसी दबाव में नहीं हुआ।
वरिष्ठ पत्रकारों और विश्लेषकों के मुताबिक, पार्टी की ओर से इस तरह का सार्वजनिक स्वागत धर्मेंद्र प्रधान की छवि को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एक तरह का डैमेज कंट्रोल भी माना जा रहा है। सरकार यह दिखाना चाहती है कि धर्मेंद्र प्रधान ने देश और छात्रों के हित में खुद यह फैसला लिया।
इस बीच विपक्षी सांसद भी मकर द्वार के आसपास जुटे नजर आए और अपनी रणनीति पर चर्चा करते दिखे।
इस्तीफे के बाद अमित शाह समेत कई नेताओं ने की थी मुलाकात
धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद बीजेपी और सरकार के कई वरिष्ठ नेता उनसे मिलने उनके घर पहुंचे थे। इनमें गृह मंत्री अमित शाह, पीयूष गोयल, जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह, निर्मला सीतारमण और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शामिल थीं।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई नेताओं ने भी धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की थी। बीजेपी नेताओं ने उनके इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था, लेकिन साथ ही यह भी कहा था कि उन्होंने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है।
युवाओं के नाम पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कही थी यह बात
धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं के नाम लिखे अपने पत्र में कहा था कि छात्रों के धरना-प्रदर्शन का फायदा राष्ट्रविरोधी ताकतें न उठा सकें, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया।
उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने NEET पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी पहले दिन से ही ली थी और मामले में जो भी संभव था, उसके लिए कदम उठाए। उनके मुताबिक, NEET परीक्षा दोबारा कराई गई और नतीजे जल्द घोषित किए गए।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक संदेश पर नजर
धर्मेंद्र प्रधान का संसद भवन में NDA सांसदों द्वारा किया गया स्वागत ऐसे समय में हुआ है, जब उनके इस्तीफे के बाद सरकार और बीजेपी की रणनीति पर चर्चा जारी है।

पाग पहनाकर संसद के भीतर ले जाने के इस पूरे घटनाक्रम को सत्ता पक्ष की ओर से एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
पार्टी धर्मेन्द्र प्रधान के साथ
धर्मेंद्र प्रधान के संसद पहुंचने पर NDA सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया और पाग पहनाकर उन्हें सदन के भीतर ले गए। इस स्वागत के जरिए बीजेपी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वैच्छिक था और पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है। अब इस घटनाक्रम के राजनीतिक असर और विपक्ष की आगे की रणनीति पर नजर रहेगी। (Amar Bharti)
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