बंगाल, महाराष्ट्र के बाद अब यूपी में सियासी हलचल, सपा में टूट के संकेत, कौन करेगा इसका नेतृत्व?

ओम प्रकाश राजभर का दावा है कि सपा में टूट तय है। बलिया से जुड़े नेता बगावत की तैयारी में!

ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट और बगावत का दावा किया
सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सपा में टूट देखने को मिल सकती है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सपा में टूट होने का दावा दोहराया है। गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी में टूट अब तय है और इसे कोई नहीं रोक सकता।

सपा में बगावत तय, राजभर का बड़ा दावा

ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है। उनके अनुसार पार्टी के कुछ सांसद और वरिष्ठ नेता नेतृत्व की कार्यशैली से नाराज हैं और अब उनके बीच अलग रणनीति बनाने की तैयारी चल रही है। राजभर ने कहा कि सपा के बागी नेताओं को संभालने के लिए एक बड़ा चेहरा सामने आ चुका है, जिसका संबंध उत्तर प्रदेश की राजनीतिक रूप से चर्चित ‘बागी भूमि’ बलिया से है। इसलिए सपा में टूट तय है.

बलिया से उठेगी सपा में बगावत की चिंगारी

राजभर ने अपने पोस्ट में कहा कि सपा में टूट की रूपरेखा काफी पहले तैयार हो चुकी थी, लेकिन हाल ही में हुई एक घटना ने इस प्रक्रिया को और तेज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि 17 जून को सपा कार्यालय में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान ब्राह्मण समाज का अपमान किया गया, जिससे पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता नाराज हो गए।

समाजवादी पार्टी में टूट के संकेत तेज

उन्होंने दावा किया कि इस कथित अपमान से बलिया क्षेत्र से जुड़े सपा के सांसद और नेता बेहद आहत हैं। इसी नाराजगी के बाद बगावत की योजना को अंतिम रूप दिया गया है। राजभर ने कहा कि अब सपा में टूट होकर रहेगी और आने वाले दिनों में इसका असर प्रदेश की राजनीति में साफ दिखाई देगा।

राजभर बोले, सपा में टूट होकर रहेगी

सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनके परिवार पर निशाना साधते हुए राजभर ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जैसे ही राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई, पूरा सैफई परिवार सफाई देने और विरोधियों पर हमला करने में जुट गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को अब सोशल मीडिया, एसी कमरों और प्रेस कॉन्फ्रेंस की राजनीति छोड़कर “सांसद बचाओ अभियान” शुरू कर देना चाहिए। उनके अंदर ही बगावत के सुर हैं जो कि जल्द उभरकर सामने आएंगे इसलिए सपा में टूट के लिए वह तैयार रहें.

सपा के कई नेता बगावत की तैयारी में

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले भी ओम प्रकाश राजभर ने सपा में टूट का दावा किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था कि इस संबंध में सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा गया है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजभर के बयान के बाद उत्तर प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

सपा में टूट की अटकलें तेज

राजभर के आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से भी जवाब सामने आया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और शिवपाल यादव ने उनके बयानों पर पलटवार करते हुए इन्हें राजनीतिक भ्रम फैलाने की कोशिश बताया है। फिलहाल प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और सभी की नजरें आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं। अब देखना यह है कि पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के बाद क्या सपा में टूट की खबरें भी इस दल के लिए झटका साबित होंगी. क्या है इस पूरे मामले की सच्चाई यह तो आने वाला समय ही बताएगा.

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