
राजस्थान की धार्मिक नगरी पुष्कर इन दिनों एक अनोखी तपस्या के कारण चर्चा में है। यहां रूस मूल की योगिनी अन्नपूर्णा नाथ नौ धुनियों की अग्नि के बीच 21 दिनों की कठिन साधना कर रही हैं। इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
यह तपस्या 3 मई से शुरू हुई है और 25 मई तक चलेगी। नाथ संप्रदाय की परंपरा के अनुसार यह साधना श्मशान क्षेत्र स्थित आश्रम में की जा रही है। हर दिन धधकती आग के बीच बैठकर योगिनी तप कर रही हैं, जो आस्था और साहस का अनोखा उदाहरण माना जा रहा है।
शुरुआत में 21 कंडों से अग्नि जलाई गई थी, लेकिन अब हर धुनी में करीब 40 कंडे जलाए जा रहे हैं। साधना के अंतिम दिन 108 कंडों से अग्नि प्रज्वलित होगी, जिससे तपस्या और कठिन हो जाएगी।
योगिनी अन्नपूर्णा नाथ का कहना है कि उनका उद्देश्य व्यक्तिगत सिद्धि नहीं, बल्कि समाज और विश्व कल्याण है। सुबह पूजा, दोपहर में तप, शाम को आरती और रात में हवन उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।
पिछले 17 वर्षों से भारत में रह रहीं अन्नपूर्णा नाथ भारतीय संस्कृति से प्रभावित होकर सन्यास मार्ग अपना चुकी हैं। भीषण गर्मी के बीच चल रही यह साधना अब पुष्कर को फिर से आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र बना रही है।