लखनऊ STF की बड़ी कार्रवाई, 900 करोड़ के कफ सीरप तस्करी कांड में दो बर्खास्त सिपाहियों पर चार्जशीट

40 हजार पन्नों का आरोपपत्र दाखिल, 900 करोड़ रुपये के काले कारोबार का खुलासा

लखनऊ: लखनऊ STF ने देश के सबसे बड़े कोडीन कफ सीरप तस्करी कांड में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बर्खास्त सिपाहियों आलोक सिंह और अमित सिंह टाटा के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। STF ने करीब 40 हजार पन्नों का आरोपपत्र दाखिल करते हुए 900 करोड़ रुपये के काले कारोबार का खुलासा किया है।

STF जांच में सामने आया कि वर्ष 2019 से 2024 तक अंतरराज्यीय स्तर पर कोडीन कफ सीरप तस्करी का बड़ा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। जांच एजेंसी के मुताबिक तस्करी की खेप बिहार और पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजी जाती थी, जहां इस प्रतिबंधित कफ सीरप का इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाता था। STF ने स्पष्ट किया कि तस्करी में इस्तेमाल हुई एक भी बोतल मेडिकल स्टोर तक नहीं पहुंची।

जांच में खुलासा हुआ कि बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित सिंह टाटा वर्ष 2019 में शुभम जायसवाल से जुड़े थे और बाद में नेटवर्क व पुलिस संपर्कों का इस्तेमाल कर अवैध कारोबार खड़ा किया। STF के अनुसार 2024 में करोड़ों की कमाई देखकर दोनों खुद सीधे तस्करी में उतर गए। तस्करी के लिए फर्जी दस्तावेजों पर कई फर्में बनाई गई थीं।

मामले में अब तक 9 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि तीन मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, गौरव और वरुण अब भी फरार हैं। STF को आशंका है कि फरार आरोपी विदेश, खासकर दुबई में छिपे हो सकते हैं। आरोपियों को वापस लाने के लिए गृह मंत्रालय से पत्राचार भी किया गया है।

STF ने जांच के दौरान 3 हजार से ज्यादा बैंक स्टेटमेंट खंगाले, जिनसे करोड़ों रुपये के लेनदेन और पूरे अवैध नेटवर्क की परतें खुलीं। एजेंसी का कहना है कि पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आने से पूरे मामले ने सनसनी फैला दी है। STF की जांच अभी भी जारी है और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

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