PM Modi France Slovakia Visit 2026:फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर पीएम मोदी: G7 शिखर सम्मेलन से लेकर रणनीतिक साझेदारी तक, 16 जून को कई अहम बैठकें

फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर पीएम मोदी, कूटनीतिक गतिविधियां तेज

फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अन्य वैश्विक नेताओं के साथ।
फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक नेताओं के साथ चर्चा करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

नई दिल्ली/पेरिस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 13 से 18 जून 2026 तक का फ्रांस और स्लोवाकिया दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान भारत ने यूरोप के साथ अपने रणनीतिक, तकनीकी और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

फ्रांस में मैक्रों के साथ हुई अहम बातचीत

यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के साथ मुलाकात की। दोनों नेताओं ने रक्षा, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी, नवाचार और ऊर्जा सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। भारत-फ्रांस संबंधों को पहले ही “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के स्तर तक बढ़ाया जा चुका है।

G7 शिखर सम्मेलन में भारत की सक्रिय भागीदारी

16 जून को फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer और कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney से मुलाकात कर आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के साथ भी उनकी मुलाकात चर्चा का केंद्र रही। दोनों नेताओं के बीच औपचारिक वार्ता 17 जून को प्रस्तावित बताई गई है।

स्लोवाकिया दौरे में ऐतिहासिक उपलब्धि

स्लोवाकिया की यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक रही। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की स्वतंत्रता (1993) के बाद पहली आधिकारिक यात्रा है। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति Peter Pellegrini और प्रधानमंत्री Robert Fico के साथ वार्ता की। दोनों देशों ने रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष, ऊर्जा और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

भारत-स्लोवाकिया संबंधों को मिला नया आयाम

16 जून की सबसे बड़ी उपलब्धियों में भारत और स्लोवाकिया के बीच संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाना शामिल रहा। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों, योग प्रदर्शन और व्यापारिक बैठकों ने दोनों देशों के बीच जनसंपर्क और आर्थिक सहयोग को भी नई गति दी।

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका

G7 शिखर सम्मेलन, यूरोपीय साझेदारों के साथ सहयोग और नई रणनीतिक पहलों के जरिए प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से भारत-यूरोप संबंधों को नई दिशा मिलेगी और आने वाले वर्षों में व्यापार, तकनीक और सुरक्षा सहयोग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

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