अयोध्या में सीएम योगी के दौरे से पहले नई चर्चा, प्रोटोकॉल में नहीं है चंपत राय का नाम

उत्तर प्रदेश: अयोध्या में देखा जाए तो राम जन्मभूमिक तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों का एक अलग रूतबा और स्थान माना जाता था लेकिन आज उसी ट्रस्ट का सबसे चर्चित नाम सवालों के घेरे में है. कभी मुख्यमंत्री सहित तमाम मंत्रियों के साथ मंच साझा करने वाला वह चेहरा आज कानूनी शिकंजे में फंसता नज़र आ रहा है. वह कोई और नहीं बल्कि वह चेहरा है राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का. इस नाम के चंदा चोरी जैसे मामले में घेरे में आने से न सिर्फ राजनीतिक बल्कि धार्मिक गलियारों में भी हलचल तो है लेकिन एक खेमे में गहरी खामोशी भी है.
चर्चा में चंदा चोरी और चंपत राय का नाम
वह नाम जो कभी राम मंदिर के संघर्ष में सबसे अधिक सामने आता था आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या आगमन और राम मंदिर से जुड़े कार्यक्रमों के लिए तैयार किए गए आधिकारिक प्रोटोकॉल में कहीं नज़र नहीं आया. चंपत राय की बजाय अब ट्रस्ट के एक प्रतिनिधि के मौजूद रहने की बात सामने आ रही है. इस ख़बर के सामने आने के बाद से ही सियासी गलियारों में तमाम तरह की अटकलें जन्म ले रही हैं.
CM योगी और ट्रस्ट संबंध
आमतौर पर जब भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या दौरे पर आते हैं और राम मंदिर में दर्शन-पूजन करते हैं, तब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारी कार्यक्रमों में मौजूद रहते हैं। ऐसे में इस बार चंपत राय का नाम सूची में नहीं होना चर्चा का विषय बन गया है।
चंपत राय और SIT जांच
चंपत राय का नाम चंदा चोरी की शिकायतों और विवादों के कारण इन दिनों सुर्खियों में है. SIT जांच जारी है पूछताछ की भी खबरें सामने आईं हालांकि अबतक इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष निकलकर सामने नहीं आया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के प्रोटोकॉल से चंपत राय का नाम गायब होने के चलते लोग दोनों घटनाओं को आपस में जोड़कर देखने लगे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक इस विषय पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
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